क्या बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है?
सारांश
Key Takeaways
पटना, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 20 नवंबर को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह को सुचारू और सुरक्षित रूप से आयोजित करने के लिए पटना के जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों की छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। डीएम द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों की आवश्यकता होगी।
डीएम पटना ने स्पष्ट किया कि 20 नवंबर तक जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारी, तकनीकी पदाधिकारी एवं पर्यवेक्षक स्तर के अधिकारी अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी को विशेष परिस्थिति में अवकाश की आवश्यकता होती है, तो उन्हें वरीय प्रभारी के माध्यम से स्पष्ट कारण बताते हुए आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही अधिकारी मुख्यालय छोड़ सकेंगे।
वास्तव में, शपथ ग्रहण समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कमी या सुरक्षा चूक से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में नेता और आम जनता शामिल होंगे, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है।
इससे पहले, सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को राजभवन जाकर 19 नवंबर को विधानसभा विघटित करने के लिए मंत्रिमंडल की अनुशंसा वाला पत्र सौंपा।
यह उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ है। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का शानदार प्रदर्शन रहा। भाजपा ने बिहार की 243 सीटों में से सबसे अधिक 89 सीटें जीती हैं। वहीं सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड को 85 सीटें मिली हैं। एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी को 19 सीटें मिली हैं। राज्य में लोजपा (रामविलास) ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 19 उसके खाते में आई हैं।