क्या बिहार में संपत्ति निबंधन ने नया रिकॉर्ड बनाया? एक दिन में 8,606 डीड निबंधित
सारांश
Key Takeaways
- 30 दिसंबर
- राजस्व में 48.44 करोड़ रुपये की वृद्धि।
- ऑनलाइन सुविधाओं की उपलब्धता से प्रक्रिया में सुधार।
- राज्य की आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी।
- नागरिकों का बढ़ता विश्वास।
पटना, 31 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में बिहार में संपत्ति निबंधन ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर को एक दिन में 8,606 डीड का निबंधन हुआ, जिससे विभाग को 48.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह एक दिन में सबसे अधिक निबंधन और राजस्व संग्रह का रिकॉर्ड है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के टॉप-10 व्यस्त निबंधन दिनों में से तीन दिन दिसंबर में शामिल हैं। 12 दिसंबर को 7,032 डीड का निबंधन हुआ, जिससे 41.91 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, जबकि 17 दिसंबर को 6,349 डीड के निबंधन से 41.69 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अन्य महत्वपूर्ण व्यस्त दिनों में 18 जून (8,519 डीड, 38.97 करोड़), 20 जून (7,780 डीड, 36.80 करोड़), 21 मार्च (7,185 डीड, 37.83 करोड़), 26 मार्च (7,175 डीड, 36.82 करोड़), 8 अगस्त (6,725 डीड, 41.94 करोड़), 23 जून (6,695 डीड, 38.39 करोड़) और 19 नवंबर (7,039 डीड, 37.66 करोड़) शामिल हैं।
विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन सुविधाओं की उपलब्धता, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों के चलते संपत्ति निबंधन में यह उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खासकर दिसंबर में, वर्षांत और छुट्टियों से पहले, लोग संपत्ति से जुड़ी लेन-देन को तेजी से पूरा करते देखे गए, जिससे नया रिकॉर्ड बना।
अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि न केवल राजस्व में इजाफा का संकेत है, बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने और आम लोगों के बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है।
उत्पाद आयुक्त-सह-निबंधन महानिरीक्षक अंशुल अग्रवाल ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी निबंधित डीड की प्रतियां अब व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से पक्षकारों को तुरंत उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे निबंधन प्रक्रिया में लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है।