बिहार में अवैध हथियार तस्करी मामले में एनआईए ने कुंदन कुमार के खिलाफ चार्जशीट दर्ज की
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने कुंदन कुमार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
- यह मामला अवैध हथियार तस्करी से संबंधित है।
- कुंदन कुमार इस मामले में छठे आरोपी हैं।
- एनआईए की जांच में अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- यह कार्रवाई संगठित हथियार तस्करी के खिलाफ है।
पटना, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को बिहार के 2024 के अवैध हथियार तस्करी मामले में कुंदन कुमार के खिलाफ पूरक आरोपपत्र पेश किया।
पटना की विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की कई धाराएं शामिल हैं। इसके साथ ही, कुंदन कुमार इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने वाले छठे आरोपी बन गए हैं।
यह मामला तब शुरू हुआ जब बिहार पुलिस ने एक एके-47 राइफल और एक लेंस बरामद किया, जिससे राज्य में सक्रिय एक बड़े अवैध हथियार नेटवर्क का खुलासा हुआ। एनआईए की जांच के अनुसार, कुंदन कुमार नागालैंड से प्रतिबंधित बोर के हथियारों की खरीद और तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था। इन हथियारों को कथित रूप से नक्सलियों और आपराधिक गिरोहों को सप्लाई किया जाता था, जो एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। नवंबर 2025 में एनआईए ने इस नेटवर्क की गहन जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया था।
एनआईए के अनुसार, कुंदन कुमार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बिहार में सक्रिय एक संगठित हथियार तस्करी गिरोह की साजिश में भाग लिया। विस्तृत जांच के बाद एजेंसी ने उसके खिलाफ आईपीसी, आर्म्स एक्ट और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।
एनआईए ने बताया कि इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान और पूरे अवैध हथियार नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच जारी है।
एजेंसी पहले ही मई 2025 में चार आरोपियों विकास कुमार, देवमणि राय, सतीश कुमार और अहमद अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके बाद फरवरी 2026 में पांचवें आरोपी मंजूर खान के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल किया गया था।
यह कार्रवाई संगठित हथियार तस्करी और उसके आतंकी व आपराधिक नेटवर्क से संबंधों पर एजेंसी की लगातार कार्रवाई को दर्शाती है।
इससे पहले 6 अप्रैल को एनआईए और एटीएस ने बिहारशरीफ में संयुक्त अभियान चलाते हुए हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की थी।
यह छापेमारी करीब 10 स्थानों पर की गई थी, जिनमें लहेरी थाना क्षेत्र का एक बंदूक की दुकान और एक ज्वेलरी स्टोर भी शामिल थे।