क्या बिहार एसआईआर में केवल पांच दिन बचे हैं, राजद-कांग्रेस ने मतदाता सूची पर आपत्ति क्यों नहीं उठाई?

सारांश
Key Takeaways
- बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि नजदीक है।
- अब तक केवल कम्युनिस्ट पार्टी ने आपत्ति उठाई है।
- नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 भरना आवश्यक है।
- आपत्तियों का निस्तारण 7 दिन की अवधि में किया जाएगा।
- हटाए गए नामों की जानकारी ईपीआईसी नंबर के साथ उपलब्ध है।
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए महज पाँच दिन रह गए हैं। इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार एसआईआर के संबंध में डेली बुलेटिन जारी किया है। ईसीआई के अनुसार, अब तक केवल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) की तरफ से 53 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया के बारे में दैनिक बुलेटिन जारी किया है।
ईसीआई के अनुसार, 1 अगस्त 2025 (दोपहर 3 बजे) से 27 अगस्त 2025 (सुबह 10 बजे) तक की अवधि में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अब केवल 5 दिन शेष हैं। इस दौरान केवल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) की ओर से 53 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका निपटारा 7 दिन में किया जाएगा।
इसके अलावा, राजद, कांग्रेस, जदयू और भाजपा समेत अन्य दलों की तरफ से 27 दिनों के बाद कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है।
ईसीआई ने बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से फॉर्म 6 (घोषणा-पत्र सहित) के तहत कुल 6,35,124 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27,825 का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा, योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए कुल 1,78,948 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें से 20,702 का निस्तारण 7 दिनों के बाद किया गया।
नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित ईआरओ या एआरओ द्वारा पात्रता सत्यापन और 7 दिन की नोटिस अवधि पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से किसी भी नाम को बिना जांच और निष्पक्ष सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। हटाए गए नामों की सूची, कारण सहित, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइटों पर ईपीआईसी नंबर के साथ खोज योग्य रूप में उपलब्ध है। असंतुष्ट व्यक्ति आधार कार्ड की प्रति के साथ अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं।