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क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने दो लोगों की हत्या की?

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क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने दो लोगों की हत्या की?

सारांश

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा दो लोगों की हत्या ने इलाके में खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय शिक्षक विनोद माडे की हत्या के पीछे मुखबिरी का शक बताया जा रहा है। इस घटना ने माओवादी गतिविधियों के प्रति चिंता बढ़ा दी है।

मुख्य बातें

बीजापुर में नक्सलियों द्वारा दो लोगों की हत्या स्थानीय शिक्षक विनोद माडे की पहचान मुखबिरी के संदेह में हत्या का आरोप पुलिस ने माओवादियों की तलाश शुरू की राज्य सरकार की नक्सलवाद समाप्त करने की प्रतिबद्धता

रायपुर, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पिलूर गांव के जंगलों में मंगलवार को दो लोगों की हत्या की गई। मृतकों में से एक की पहचान विनोद माडे के रूप में हुई, जो एक स्थानीय शिक्षक (शिक्षा दूत) थे। खबरों के अनुसार, माओवादियों ने उन्हें सोमवार शाम को अगवा कर लिया था।

विनोद का शव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति का शव फरसगढ़ पुलिस स्टेशन के पास मिला है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस माओवादियों की तलाश में गांव पहुंच गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस मुखबिरी के संदेह में उनकी हत्याएं की गई हैं, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, नक्सलियों ने शवों के पास पर्चे छोड़े, जिसमें पीड़ितों पर सुरक्षा बलों को जानकारी देने का आरोप लगाया गया था।

इस घटना ने क्षेत्र में फिर से डर पैदा कर दिया है, जो लंबे समय से माओवादी विद्रोह का गढ़ रहा है।

पिछले दो हफ्तों में बीजापुर में ऐसी ही छह हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें दो छात्र भी शामिल हैं। माओवादियों ने मुखबिरी के शक में उनकी हत्या कर दी थी।

2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से नक्सलियों ने बस्तर के सात जिलों में कम से कम 1,821 लोगों की हत्या की है, जिसमें बीजापुर में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। मृतकों में आम नागरिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली और निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं।

इस बीच, सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया है और राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह समय सीमा इसी साल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तय की थी।

इससे पहले, 17 जून को बीजापुर जिले के पेडदाकोरमा गांव में नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों (जिनमें एक 13 साल का स्कूली छात्र और एक 20 साल का कॉलेज छात्र शामिल था) की गला दबाकर हत्या कर दी थी। मृतकों की पहचान अनिल माडवी और सोमा मोडियाम के रूप में हुई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति चिंताजनक है और हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजापुर में हुई हत्या की वजह क्या है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हत्या पुलिस मुखबिरी के संदेह में हुई है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की है?
हाँ, पुलिस ने माओवादियों की तलाश में गांव पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
बीजापुर में हाल के दिनों में और क्या घटनाएँ हुई हैं?
पिछले दो हफ्तों में बीजापुर में ऐसी छह हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें छात्र भी शामिल हैं।
क्या राज्य सरकार ने नक्सलवाद पर कोई बयान दिया है?
हाँ, राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
क्या इस घटना से लोगों में भय का माहौल है?
जी हाँ, इस घटना ने क्षेत्र में फिर से डर पैदा कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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