विकास रंजन भट्टाचार्य के घर हमले में पहली गिरफ्तारी, CCTV से मिला सुराग; जवाबी शिकायतें भी दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को एक 29 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिस पर गुरुवार तड़के दक्षिण कोलकाता के जादवपुर के निकट पुरबालोक में वरिष्ठ अधिवक्ता और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] के पूर्व राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य के आवास पर हुए हमले में कथित संलिप्तता है। अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी भट्टाचार्य के आवास के निकट लगे CCTV कैमरों से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर की गई।
गिरफ्तारी का विवरण
गिरफ्तार युवक की पहचान बप्पा गुचैत के रूप में हुई है, जिसे कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके गारिया स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उस पर जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, इलाके में शांति भंग करना, दूसरों का अपमान एवं धमकाना, अपराध के साक्ष्य नष्ट करना और धोखाधड़ी सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि पुलिस शुक्रवार को गुचैत को न्यायालय में पेश करेगी और सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे। पुलिस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को भी इस गिरफ्तारी की औपचारिक जानकारी दे दी है।
उच्च न्यायालय की चिंता और सरकार को निर्देश
इससे पहले गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे ने राज्य की विभिन्न अदालतों में वकीलों पर हो रहे हमलों की श्रृंखला पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार को इस संबंध में उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में न्यायिक परिसरों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।
TMC संबंध की अटकलें, पुलिस ने पुष्टि नहीं की
सोशल मीडिया पर गिरफ्तार युवक की एक तस्वीर प्रसारित हुई है, जिसमें वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनावी निशान वाला स्कार्फ पहने दिख रहा है। माना जा रहा है कि वह किसी समय TMC से संबद्ध रहा होगा। हालाँकि, पुलिस ने अब तक न तो यह तस्वीर आधिकारिक रूप से मीडिया को जारी की है और न ही इसकी पुष्टि की है। गुचैत से पूछताछ जारी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमले में अन्य लोगों की भागीदारी थी या नहीं।
जवाबी शिकायतें दर्ज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक हिंदू संगठन ने कोलकाता पुलिस के अधीन टोपसिया और गारफा पुलिस थानों में दो जवाबी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों में भट्टाचार्य पर एक विशेष धर्म के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच अभी जारी है और अदालत में पेशी के बाद गुचैत की हिरासत अवधि तय होगी। कलकत्ता उच्च न्यायालय की निगरानी में यह मामला राज्य में कानूनी पेशेवरों की सुरक्षा के व्यापक प्रश्न को भी केंद्र में ला रहा है। जवाबी शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया और संभावित अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ आने वाले दिनों में तस्वीर को और स्पष्ट करेंगी।