सीपीआईएम के पूर्व राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य को फोन पर जान से मारने की धमकी, घर पर हमले के बाद नया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
वरिष्ठ वकील और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के पूर्व राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य ने 16 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। यह घटना कोलकाता के जादवपुर इलाके में उनके आवास पर हुए हमले के कुछ ही दिन बाद सामने आई है। भट्टाचार्य के अनुसार, धमकी गुरुवार रात करीब 10:47 बजे मिली और इसमें उनके परिवार के सदस्यों को भी निशाना बनाने की बात कही गई।
धमकी का विवरण
भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिये दावा किया कि सुकांता मंडल नाम बताने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'मुझे गुरुवार रात करीब 10:47 बजे फोन आया। सुकांता मंडल नाम बताने वाले एक हिंदू कट्टरपंथी ने मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी। उसने मेरी दिवंगत मां के बारे में भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।' भट्टाचार्य ने आगे कहा, 'इस तरह की अपमानजनक भाषा और अभद्र व्यवहार कट्टरपंथियों की पहचान है।'
आवास पर हमले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके के पुरबालोक स्थित भट्टाचार्य के आवास पर हमला हुआ था। आरोप है कि तड़के एक नकाबपोश व्यक्ति दोपहिया वाहन पर आया और उसने घर पर शराब की बोतलें फेंकीं। उस घटना में भी भट्टाचार्य ने आरोप लगाया था कि हमलावर एक 'हिंदू कट्टरपंथी' है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद बप्पा गुचैत नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में हुई है।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की माँग
सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी — जो राज्य पुलिस विभाग के प्रभारी भी हैं — से इस मामले में ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा करने की बात कही। भट्टाचार्य ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी, तो मैं अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करूंगा।' यह बयान राजनीतिक तनाव के बीच और अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है।
विपरीत शिकायत और राजनीतिक विवाद
यह ऐसे समय में आया है जब एक हिंदुत्ववादी समूह ने भट्टाचार्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उस समूह का आरोप है कि भट्टाचार्य ने हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ की हैं। इस प्रकार मामला अब दो परस्पर विरोधी शिकायतों में उलझ गया है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में सांप्रदायिक तनाव और वामपंथी-दक्षिणपंथी टकराव की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
आगे क्या
अभी तक पुलिस की ओर से नई धमकी वाली शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भट्टाचार्य के आवास हमले में गिरफ्तार बप्पा गुचैत की जांच जारी है। राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो रही हैं, और मामले की दिशा आने वाले दिनों में और स्पष्ट होने की उम्मीद है।