बांग्लादेश से बंगाल के नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी को जान से मारने की धमकी, भवानी भवन में दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी ने मंगलवार, 11 अगस्त को भवानी भवन (पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय, कोलकाता) पहुँचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्हें 3 मई से 9 अगस्त के बीच बांग्लादेश के नंबरों से व्हाट्सएप पर लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिली थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।
धमकियों का सिलसिला और स्वरूप
रिपोर्टों के अनुसार, रिताब्रता बनर्जी को 3 मई 2026 से 9 अगस्त 2026 के बीच कई बार व्हाट्सएप कॉल पर जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। हर बार कॉल करने वाले का नंबर बांग्लादेश का था। धमकी देने वालों ने कथित तौर पर कहा कि उनका हश्र बांग्लादेश के स्वतंत्र विचारों वाले ब्लॉगर अभिजीत रॉय जैसा होगा, जिनकी 26 फरवरी 2015 को ढाका में हत्या कर दी गई थी।
शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष ने इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया, परंतु लगातार कॉल आने के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया।
अभिजीत रॉय हत्याकांड से कथित संबंध
अभिजीत रॉय की हत्या 26 फरवरी 2015 को ढाका विश्वविद्यालय के निकट अमर एकुशे पुस्तक मेले से लौटते समय की गई थी। उनकी पत्नी रफिदा अहमद बोन्या भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुई थीं। जाँच में यह साबित हुआ कि इस हत्या के पीछे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अंसार अल इस्लाम के सदस्य थे। अटकलें हैं कि रिताब्रता बनर्जी को धमकी देने के पीछे भी इसी संगठन से जुड़े तत्व हो सकते हैं — हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
जैश-ए-मोहम्मद गिरफ्तारी से जुड़ा संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल से आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हमिम मंडल और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया था। जाँच में पता चला था कि उनका निशाना विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी थे। आतंकवादियों ने उनके कार्यक्रमों, यात्रा मार्गों और कोलकाता स्थित उनके आवास की रेकी की थी। गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब बंगाल के किसी प्रमुख विपक्षी नेता को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
पुलिस सूत्रों ने बताया कि भवानी भवन में औपचारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है और यह पता लगाने के लिए जाँच शुरू की गई है कि धमकी भरे कॉल के पीछे कौन-सा व्यक्ति या संगठन है। निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने हाल ही में कोलकाता में अभिजीत रॉय की हत्या का संदर्भ देते हुए इस तरह के खतरों पर चिंता जताई थी।
आगे क्या
पुलिस बांग्लादेश के नंबरों की साइबर ट्रेसिंग और संबंधित एजेंसियों से समन्वय के ज़रिए धमकी के स्रोत की पहचान करने में जुटी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले में राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम करती हैं, क्योंकि धमकियाँ अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से आई हैं।