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बीरभूम के नलहाटी में अंधाधुंध फायरिंग, तीन घायल; बिकी और जॉनी शेख की हालत गंभीर

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बीरभूम के नलहाटी में अंधाधुंध फायरिंग, तीन घायल; बिकी और जॉनी शेख की हालत गंभीर

सारांश

बीरभूम के नलहाटी में रविवार रात नकाबपोश बाइक सवारों ने सड़क किनारे बैठे तीन लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं। बिकी शेख और जॉनी शेख गंभीर रूप से घायल होकर दुर्गापुर रेफर। पुलिस ने 10 खोखे बरामद किए, जाँच जारी।

मुख्य बातें

बीरभूम जिले के नलहाटी के हरिदासपुर गांव के पास रविवार रात अंधाधुंध फायरिंग हुई।
घायलों में बिकी शेख , हबीबुल शेख और जॉनी शेख शामिल हैं; बिकी और जॉनी की हालत गंभीर।
दोनों गंभीर घायलों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज से दुर्गापुर के अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से 10 खोखे और एक कारतूस बरामद किए।
अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज; आरोपियों की पहचान और मकसद की जाँच जारी।
स्थानीय निवासियों ने इलाके में लंबे समय से जारी असामाजिक गतिविधियों का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के नलहाटी इलाके में रविवार रात हुई अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने बिना किसी उकसावे के हरिदासपुर गांव के पास सड़क किनारे बैठे लोगों पर गोलियाँ चलाईं और फरार हो गए।

घटनाक्रम: कैसे हुई फायरिंग

नलहाटी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले हरिदासपुर गांव के पास रविवार देर रात बिकी शेख, हबीबुल शेख और जॉनी शेख सड़क किनारे बांस के एक चबूतरे पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर कुछ लोग वहाँ आए — उनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे।

बिना किसी कारण या चेतावनी के उन्होंने कई राउंड गोलियाँ चलाईं और मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज़ सुनकर आसपास के ग्रामीण बाहर निकले और तीनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया।

घायलों की स्थिति और उपचार

तीनों घायलों को पहले बीरभूम के रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाद में बिकी शेख और जॉनी शेख की हालत गंभीर होने पर उन्हें पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। हबीबुल शेख की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

नलहाटी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया और वहाँ से 10 खोखे तथा एक जीवित कारतूस बरामद किया। बीरभूम जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान तथा घटना के मकसद का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।

स्थानीय आक्रोश और राजनीतिक पृष्ठभूमि

इस घटना ने हरिदासपुर और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से असामाजिक गतिविधियाँ चल रही हैं। उन्होंने कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पिछले कार्यकाल के दौरान बढ़ी अराजकता का भी हवाला दिया, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

गौरतलब है कि बीरभूम जिला पहले भी राजनीतिक हिंसा और आपराधिक घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है। यह घटना उस संवेदनशील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।

आगे क्या

पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों और बाइकों का सुराग लगाने की कोशिश जारी है। बिकी शेख और जॉनी शेख की स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और जाँच के नतीजे सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे स्थानीय लोग वर्षों से झेल रहे हैं। असली सवाल यह है कि पुलिस के पास 10 खोखे और एक कारतूस होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। बीरभूम में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएँ राज्य की कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल उठाती हैं, और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पैटर्न को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीरभूम के नलहाटी में फायरिंग की घटना क्या है?
रविवार रात हरिदासपुर गांव के पास नकाबपोश बाइक सवारों ने सड़क किनारे बैठे तीन लोगों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं। बिकी शेख, हबीबुल शेख और जॉनी शेख घायल हुए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
तीनों को पहले रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बिकी शेख और जॉनी शेख की हालत गंभीर होने पर उन्हें पश्चिम बर्दवान के दुर्गापुर स्थित एक अस्पताल में रेफर किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से क्या बरामद किया?
नलहाटी पुलिस ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा कर वहाँ से 10 खोखे और एक जीवित कारतूस बरामद किए। अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
हमलावर कौन थे और उनका मकसद क्या था?
अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, तीन बाइकों पर सवार नकाबपोश लोगों ने फायरिंग की और फरार हो गए। घटना का मकसद जाँच का विषय है।
बीरभूम में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, बीरभूम जिला पहले भी राजनीतिक हिंसा और आपराधिक घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि इलाके में लंबे समय से असामाजिक गतिविधियाँ जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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