बीजद का महिला सशक्तीकरण के प्रति दृढ़ समर्थन: मानस मंगराज

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बीजद का महिला सशक्तीकरण के प्रति दृढ़ समर्थन: मानस मंगराज

सारांश

बीजद के नेता मानस मंगराज ने महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने पर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है और विधायिका में अधिक प्रतिनिधित्व का समर्थन करती है।

Key Takeaways

  • बीजद ने हमेशा महिला सशक्तीकरण के लिए खड़े रहने का दावा किया है।
  • महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हुआ था।
  • सरकार को 33 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र लागू करना चाहिए।
  • परिसीमन विधेयक महिलाओं के प्रतिनिधित्व में सहायक है।
  • बीजद का विरोध उनके महिला विरोधी छवि को मजबूती देता है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद, बीजू जनता दल के नेता मानस मंगराज ने टिप्पणी की है कि बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए दृढ़ता से खड़ी रही है और इस विधेयक की सबसे बड़ी समर्थक भी थी। हमारी प्रतिबद्धता महिलाओं को विधायिका में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने के प्रति कभी भी कमजोर नहीं हुई।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मानस मंगराज ने कहा, "हालांकि, नवीन पटनायक के नेतृत्व में हमने महिला कानून के पीछे छिपे एक परिसीमन विधेयक को जल्दी पास कराने की नापाक कोशिश का विरोध किया। यह प्रयास ओडिशा और अन्य राज्यों को उनके उचित हिस्से से वंचित करने का खतरा था। अब यह साजिश विफल हो चुकी है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो गया था और इसे 2026 में अधिसूचित किया गया था। अगर सरकार वाकई महिला आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के भीतर बिना किसी देरी के 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सकती है। उन्होंने कहा कि झूठ हार गया है और सच की जीत हुई है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता अमर पटनायक ने भी एक्स पर लिखा कि "सत्यमेव जयते" लेकिन सच ने बीजद के झूठ और महिला-विरोधी एजेंडे को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इस अवसर का जश्न मनाना 'ओडिशा की जीत' नहीं, बल्कि भारत की बेटियों के प्रति एक भयानक विश्वासघात है। परिसीमन विधेयक ऐसा पुल है, जिसके माध्यम से एनडीए सरकार द्वारा पारित ऐतिहासिक 'महिला आरक्षण अधिनियम' को लागू किया जाएगा। बीजद ने इसका विरोध करके साबित कर दिया है कि वह महिला-विरोधी और ओडिशा की आधी आबादी के भविष्य का विरोध कर रही है।

उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया, वहीं बीजद ने परिसीमन को रोककर महिलाओं को कमजोर करने का रास्ता चुना। ओडिशा के 20 भाजपा सांसद देश, महिलाओं और संवैधानिक न्याय के साथ खड़े रहे। परिसीमन ओडिशा को किसी चीज से 'वंचित' नहीं करता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि बढ़ते हुए भारत में हर वोट की गिनती बराबर हो। उन्होंने कहा कि ओडिशा की जनता को गुमराह करना बंद करें।

Point of View

यह स्पष्ट है कि बीजद का महिला आरक्षण के प्रति समर्थन महत्वपूर्ण है। यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद भी मौजूद हैं।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक निश्चित संख्या में सीटें आरक्षित करना है।
बीजद का इस विधेयक में क्या योगदान है?
बीजद ने हमेशा महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया है और इस विधेयक की प्रमुख समर्थक रही है।
क्या 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है?
जी हाँ, अगर सरकार सच में प्रतिबद्ध है, तो मौजूदा लोकसभा सीटों के भीतर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है।
परिसीमन विधेयक का क्या महत्व है?
परिसीमन विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि हर वोट की गिनती बराबर हो और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सके।
क्या बीजद महिला विरोधी है?
बीजद के कुछ बयान उनके महिला सशक्तीकरण के प्रति दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हैं, जिसके चलते उन्हें महिला विरोधी माना जा रहा है।
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