क्या भाजपा और 'आप' के बीच आरोप-प्रत्यारोप से शीतकालीन सत्र प्रभावित होगा?
सारांश
Key Takeaways
- शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा।
- भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाएं मुख्य मुद्दे हैं।
- सत्र में कैग रिपोर्ट पर चर्चा होगी।
- आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति जारी है।
- दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो गई है। भाजपा के विधायक हरीश खुराना ने भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आप को कठघरे में खड़ा किया है, जबकि आप के पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, "शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। उपराज्यपाल इसका उद्घाटन करेंगे। यह सत्र 6, 7 और 8 जनवरी तक चलेगा, जिसमें जनता से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।"
उन्होंने बताया कि सदन में कैग रिपोर्ट और 'शीश महल' से संबंधित रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के अवसर पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा, प्रदूषण के मुद्दे पर भी सरकार अपना पक्ष रखेगी।
हरीश खुराना ने विपक्ष से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि सत्र लोगों की चिंताओं पर केंद्रित रहे और सभी जरूरी कार्य कुशलता से पूरे हों।
भाजपा विधायक ने कैग रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए आप पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पिछली सरकार ने दिल्ली में भ्रष्टाचार किया है। कैग रिपोर्ट काफी समय से लंबित थी। निश्चित तौर पर 'शीश महल' को लेकर रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने कहा, "दिल्ली की जनता से हमने वादा किया था कि सभी कैग रिपोर्ट को विधानसभा में रखेंगे, चर्चा करेंगे और पीएसी को भेजेंगे।"
वहीं, आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद सुशील गुप्ता ने कहा, "अगर विधानसभा सत्र में कुछ ठोस कार्य होते हैं तो बेहतर होगा। दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। डायलिसिस के मरीज भगवान भरोसे हैं। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप नहीं होने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है। अब मुद्दों पर काम किया जाना चाहिए। राजधानी को प्रदूषण मुक्त करना चाहिए और व्यापारियों और मजदूरों के लिए राहत के कार्य किए जाने चाहिए।