22 अक्टूबर 2026
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केरल की नकदी फसलों के बेहतर दाम पर भारतीय जनता किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को दिया श्रेय

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केरल की नकदी फसलों के बेहतर दाम पर भारतीय जनता किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को दिया श्रेय

सारांश

भारतीय जनता किसान मोर्चा ने तिरुवनंतपुरम में राज्य समिति बैठक आयोजित कर रबर, इलायची और नारियल के बेहतर दाम का श्रेय केंद्र सरकार को दिया। प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि उचित मूल्य से केरल के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

मुख्य बातें

भारतीय जनता किसान मोर्चा ने 22 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में राज्य समिति की बैठक आयोजित की।
बैठक में रबर, इलायची और नारियल के बेहतर दाम के लिए केंद्र सरकार को श्रेय देते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शाजी राघवन ने की; BJP प्रदेश महासचिव एस.
सुरेश ने उद्घाटन किया।
संगठन ने कहा — बेहतर मूल्य से किसान उत्पादन लागत पूरी कर सकेंगे और जीवन स्तर बनाए रख पाएंगे।
केरल में बागान फसलों की कीमतें लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रही हैं।

भारतीय जनता किसान मोर्चा ने 22 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम के मरारजी भवन में आयोजित राज्य समिति की बैठक में केरल की प्रमुख नकदी फसलों — रबर, इलायची और नारियल — के बेहतर दाम सुनिश्चित करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को दिया। संगठन के अनुसार, इन फसलों की बेहतर कीमतें केरल के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुई हैं।

बैठक में क्या हुआ

बैठक की अध्यक्षता किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शाजी राघवन ने की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने बैठक का उद्घाटन किया, जबकि किसान मोर्चा के प्रदेश महासचिव एवी रंजीत ने संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयसूर्या ने समापन संबोधन दिया। प्रदेश महासचिव एवी रामचंद्रन ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष बीजू चंगाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार की भूमिका की सराहना की गई और कहा गया कि कृषि उत्पादों के उचित मूल्य मिलने से किसान खेती की बढ़ती लागत का बेहतर तरीके से सामना कर पा रहे हैं।

किसानों पर असर

केरल में रबर, नारियल और इलायची जैसी बागान फसलें बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं। खेती की लागत लगातार बढ़ने के बीच, उपज का उचित मूल्य मिलना यह तय करता है कि खेती आर्थिक रूप से टिकाऊ बनी रहे या नहीं। भारतीय जनता किसान मोर्चा का कहना है कि बेहतर दाम मिलने से किसान उत्पादन लागत की भरपाई कर सकेंगे, पारिवारिक आर्थिक स्थिति सुधार सकेंगे और अपना जीवन स्तर बनाए रख पाएंगे।

गौरतलब है कि केरल में बागान और नकदी फसलों की कीमतें लंबे समय से एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रही हैं, जो समय-समय पर किसान आंदोलनों का कारण बनती हैं।

राजनीतिक संदर्भ

भारतीय जनता पार्टी के लिए यह मुद्दा केंद्र सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को उजागर करने का अवसर भी माना जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केरल में BJP अपनी कृषि-संबंधी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने की कोशिश कर रही है। संगठन के अनुसार, लाभकारी कीमतें किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें बढ़ती लागत के बावजूद खेती जारी रखने के लिए प्रेरित करती हैं।

आगे की राह

भारतीय जनता किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र के दीर्घकालिक संकट को दूर करने के लिए फसलों का उचित मूल्य मिलना अनिवार्य है। संगठन ने केंद्र सरकार से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में इसी तरह के प्रयास जारी रखने की अपेक्षा जताई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मौसम और आपूर्ति-श्रृंखला जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं, इसलिए किसी एक सरकार को इसका एकमात्र श्रेय देना सरलीकरण है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि BJP केरल में राज्य सरकार में नहीं है, अतः यह बयान चुनावी परिप्रेक्ष्य में भी देखा जाना चाहिए। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल चूक जाती है कि बेहतर दाम का लाभ वास्तव में छोटे किसानों तक पहुँचा या केवल बड़े बागान-मालिकों को मिला।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय जनता किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को श्रेय क्यों दिया?
संगठन के अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों से केरल में रबर, इलायची और नारियल जैसी नकदी फसलों के दाम बेहतर हुए हैं। बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि इससे किसानों को बढ़ती उत्पादन लागत से निपटने में मदद मिली है।
केरल में कौन-सी नकदी फसलें महत्वपूर्ण हैं?
केरल में रबर, नारियल और इलायची प्रमुख नकदी और बागान फसलें हैं, जो राज्य के बड़ी संख्या में किसान परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं। इन फसलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव किसानों की आर्थिक स्थिति को सीधे प्रभावित करता है।
यह बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 22 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम के मरारजी भवन में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शाजी राघवन ने की।
किसानों के लिए उचित मूल्य क्यों जरूरी माना जाता है?
खेती की लागत लगातार बढ़ने के कारण, उपज का उचित मूल्य मिलना यह तय करता है कि खेती आर्थिक रूप से लाभकारी बनी रहे या नहीं। भारतीय जनता किसान मोर्चा के अनुसार, बेहतर दाम से किसान उत्पादन लागत पूरी कर सकेंगे और अपना जीवन स्तर बनाए रख पाएंगे।
इस बैठक में BJP के कौन-से प्रमुख नेता शामिल हुए?
बैठक में BJP के प्रदेश महासचिव एस. सुरेश ने उद्घाटन किया, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयसूर्या ने समापन संबोधन दिया, और प्रदेश महासचिव एवी रंजीत ने संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
राष्ट्र प्रेस
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