पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने आरएसएस कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया: श्रेया पांडे का बयान
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की टिकट नीति पर सवाल उठाए गए हैं।
- तृणमूल कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो रही है।
- श्रेय पांडे ने अपने पिता के राजनीतिक सफर का उल्लेख किया।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल और उनके उम्मीदवार प्रचार गतिविधियों में लगे हुए हैं। इसी संदर्भ में, मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार श्रेय पांडे ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा ने आरएसएस और अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करते हुए, तृणमूल से आए नेताओं को टिकट देने का निर्णय लिया है।
श्रेय पांडे ने अपने राजनीतिक सफर और आगामी चुनावों की संभावनाओं के बारे में बात करते हुए कहा, "तृणमूल भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी। मैं मानिकतला से स्पष्ट बहुमत से जीतने का विश्वास रखती हूं। यह मेरा आत्मविश्वास नहीं है, बल्कि यह मेरे काम पर आधारित है। मेरे पिता और पार्टी ने इस क्षेत्र में कई कार्य किए हैं।"
उन्होंने कहा, "जब CPI(M) की सरकार थी, तब मेरे पिता ने उपचुनाव में जीत हासिल की थी। बाद में वे लगातार छह बार विधायक बने, जो उनके और जनता के बीच मजबूत संबंध को दर्शाता है।"
जब तापस रॉय के भाजपा में शामिल होने पर चर्चा की गई, तो श्रेय पांडे ने कहा, "मैं नहीं जानती कि उनके मन में क्या चल रहा है। ईडी उनके घर पर गई थी, लेकिन मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी स्थिति बदली होगी।"
आरजी कर हत्याकांड से संबंधित सवाल पर श्रेय पांडे ने कहा, "पहली गिरफ्तारी किसने की? आरजी कर हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी कोलकाता पुलिस ने की थी। केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी, लेकिन वे भी विफल रहे।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा कट्टर आरएसएस या भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्व नहीं देती। उन्हें तृणमूल से भाजपा में आए लोगों को टिकट दिया है।"