भाजपा विधायक राम कदम का राहुल गांधी पर हमला: 'झूठ बोलने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर होगा नाम'
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा विधायक राम कदम ने 4 अक्टूबर 2026 को मुंबई में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। कदम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर 'वोट चोरी' का झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं, जबकि उनकी अपनी पार्टी कुछ महीने पहले तक फर्जी वोटरों को हटाने की मांग करती रही थी।
राम कदम का सीधा आरोप
कदम ने कहा, 'भविष्य में जब भी झूठ बोलने वाले नेताओं की लिस्ट बनेगी, राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को 'वोट चोरी' के आरोपों की बजाय सीधे यह स्वीकार करना चाहिए कि वह फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से हटाए जाने के विरुद्ध हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि एसआईआर मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने की एक वैध प्रशासनिक प्रक्रिया है। उनके अनुसार, बिना किसी ठोस साक्ष्य के संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है।
कांग्रेस की 'पुरानी माँग' का हवाला
कदम ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने कुछ महीने पहले स्वयं महाराष्ट्र में 'फर्जी वोटरों' को हटाने की माँग को लेकर रैली आयोजित की थी और चुनाव टालने तक की अपील की थी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि राहुल गांधी को चीजें भूलने की आदत है, इसलिए उन्हें अपनी ही पार्टी की पुरानी माँगें याद नहीं रहतीं।
भाजपा विधायक ने साथ ही राहुल गांधी पर संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का भी आरोप लगाया।
चिदंबरम की टिप्पणी पर पलटवार
कदम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम पर भी निशाना साधा। शनिवार को चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों के बीच तत्काल इस्तीफा देने की माँग की थी।
कदम ने सवाल किया कि क्या चिदंबरम को नहीं पता कि उनकी पार्टी ने मुंबई में फर्जी वोटरों को हटाने की माँग पर रैली निकाली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत की छवि खराब करते हैं।
विपक्ष पर 'साजिश' का आरोप
कदम ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के हमलों को एक 'सुनियोजित साजिश' करार दिया। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों के प्रमुख भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना कर रहे हैं, जो 140 करोड़ भारतीयों की उपलब्धि है।
वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश में बैठे कुछ 'दुश्मन तत्व' संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करवाने और अराजकता फैलाने के लिए भारत में फंडिंग कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर भी इस 'मुहिम' में आगे रहने का आरोप लगाया।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची की सफाई को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच तनातनी तेज हो गई है। आगामी दिनों में यह विवाद संसद और सड़क — दोनों मंचों पर और गहरा होने के आसार हैं।