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एसआईआर विवाद: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने खड़गे-राहुल की मांग को बताया बेबुनियाद

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एसआईआर विवाद: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने खड़गे-राहुल की मांग को बताया बेबुनियाद

सारांश

तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने खड़गे और राहुल गांधी की एसआईआर रोकने की माँग को बेबुनियाद ठहराया। राव का तर्क है कि एसआईआर के दोनों चरण पूरे हो चुके हैं, कांग्रेस के पास कोई ठोस सबूत नहीं, और 'वोट चोरी' के दावे जनादेश का अपमान हैं।

मुख्य बातें

तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 27 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की एसआईआर रोकने की माँग को बेबुनियाद करार दिया।
एसआईआर के पहले और दूसरे दोनों चरण पूरे हो चुके हैं; केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में प्रक्रिया सम्पन्न।
राव ने कांग्रेस से मतदाता नाम हटाने के दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने की माँग की।
ईवीएम बचाव में राव का तर्क — विपक्ष ने हिमाचल प्रदेश और केरल में इन्हीं मशीनों से जीतकर परिणाम स्वीकार किए थे।
राव के अनुसार, 'वोट चोरी' के दावे जनता के जनादेश का अपमान हैं।

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस माँग की तीखी आलोचना की, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) को रोकने की अपील की थी। राव ने इस माँग को पूरी तरह आधारहीन करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता बिना किसी सबूत के 'वोट चोरी' के दावे कर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

एसआईआर की स्थिति और प्रक्रिया

राव ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की प्रक्रिया अब लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पहला चरण पूर्ण हो चुका है और शेष मतदाताओं के लिए दूसरा चरण भी सम्पन्न हो गया है। उनके अनुसार, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित कई राज्यों में यह दूसरा चरण पूरा हो चुका है।

कांग्रेस के दावों पर सवाल

राव ने विपक्ष को चुनौती देते हुए पूछा कि जब कोई ठोस प्रमाण नहीं है, तो एसआईआर को कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा, 'बिना किसी सबूत के इसे कैसे रोका जा सकता है? खड़गे हों या राहुल गांधी, वे बिना किसी आधार के एसआईआर रोकने की माँग कर रहे हैं।' भाजपा नेता का यह भी कहना था कि न तो कांग्रेस नेताओं ने और न ही उन नागरिकों ने, जिनके नाम कथित तौर पर हटाए गए हैं, कोई दस्तावेज़ी प्रमाण सामने रखा है।

ईवीएम विवाद और विपक्ष का दोहरा रवैया

रामचंद्र राव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बचाव में भी तर्क दिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इन्हीं ईवीएम के ज़रिये जीत हासिल कर परिणाम स्वीकार किए थे। उनके अनुसार, विपक्ष केवल तब भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव जीतती है।

भाजपा का पक्ष और आगे की स्थिति

राव ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए दोहराया कि 'वोट चोरी' के दावे जनता के जनादेश का अपमान हैं। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि यदि उनके पास सचमुच प्रमाण हैं, तो वे उन्हें सार्वजनिक करें, न कि निराधार माँगों से चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास करें। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है, जब एसआईआर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और कई दक्षिण भारतीय राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम पूरा हो चुका है। यह देखना अहम होगा कि निर्वाचन आयोग इस राजनीतिक विवाद पर आगे क्या स्पष्टीकरण देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक सवाल को नहीं टालता कि मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है, न केवल विपक्ष की आलोचना का विषय। ईवीएम पर 'जहाँ जीते वहाँ मान लिया' वाला तर्क पुराना है और दोनों पक्ष इसे अपनी-अपनी सुविधा से इस्तेमाल करते हैं। असली प्रश्न यह है कि एसआईआर के दौरान नाम हटाने-जोड़ने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच का कोई तंत्र है या नहीं — जब तक यह स्पष्ट नहीं होता, दोनों पक्षों के दावे-प्रतिदावे जारी रहेंगे।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूचियों को अद्यतन करने की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं के नाम जोड़े, हटाए या संशोधित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य सूची को सटीक और त्रुटिरहित बनाना है।
कांग्रेस ने एसआईआर रोकने की माँग क्यों की?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए एसआईआर रोकने की माँग की, यह आरोप लगाते हुए कि वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
BJP ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस के पास मतदाता नाम हटाने का कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने इस माँग को बेबुनियाद बताया और कहा कि एसआईआर के दोनों चरण लगभग पूरे हो चुके हैं।
एसआईआर किन राज्यों में पूरा हो चुका है?
रामचंद्र राव के अनुसार, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित कई राज्यों में एसआईआर का दूसरा चरण पूरा हो चुका है और पूरी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।
ईवीएम पर BJP का क्या रुख है?
राव ने कहा कि विपक्षी दलों ने हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में इन्हीं ईवीएम से जीत दर्ज कर परिणाम स्वीकार किए थे। उनके अनुसार, ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल केवल तब उठाए जाते हैं जब BJP जीतती है।
राष्ट्र प्रेस
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