पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा सरकार बनाएगी — धर्मेंद्र प्रधान का दावा, खड़गे ने जताया TMC को बढ़त का भरोसा
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 30 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया है और इस बार राज्य में राष्ट्रवादी सरकार का गठन होगा।
प्रधान के प्रमुख दावे
बेंगलुरु में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि असम में जनता भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने का अवसर दे सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) पुडुचेरी में सरकार बनाएगा, जबकि तमिलनाडु में भी हालात अनुकूल रहेंगे। प्रधान ने केरल में भाजपा के एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने की संभावना भी जताई।
बेंगलुरु दीवार हादसे पर संवेदना
प्रधान ने बेंगलुरु के शिवाजीनगर स्थित बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। बुधवार शाम भारी बारिश के बाद हुई इस त्रासदी में हुई मौतों की जानकारी मिलने पर उन्होंने कहा कि उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।
खड़गे का पलटवार — TMC को बढ़त, कांग्रेस आश्वस्त
वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कलबुर्गी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पाँच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के परिणामों की स्पष्ट तस्वीर अगले दो दिनों में सामने आएगी। उन्होंने तमिलनाडु और केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई, हालाँकि कुछ रिपोर्टों में कुछ क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति का संकेत दिया गया है।
असम के बारे में खड़गे ने स्वीकार किया कि एग्जिट पोल ने पार्टी के लिए कम सीटों का अनुमान लगाया है, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस अनुमान से अधिक सीटें जीतेगी। पश्चिम बंगाल के बारे में उन्होंने कहा कि संकेत मिल रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बढ़त मिलने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की स्वतंत्र पारी
खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि NDA ने पश्चिम बंगाल में TMC को आक्रामक रूप से चुनौती देने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस बार पश्चिम बंगाल में पहली बार स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही है — जो पार्टी की रणनीति में एक उल्लेखनीय बदलाव है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है।
आगे क्या
पाँच राज्यों — पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी — के चुनाव परिणाम अगले दो दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। इन नतीजों से न केवल इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय होगी, बल्कि भाजपा और कांग्रेस दोनों की राष्ट्रीय रणनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।