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क्या ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना ने पूर्व एनएसए के घर एफबीआई छापे को जन्म दिया?

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क्या ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना ने पूर्व एनएसए के घर एफबीआई छापे को जन्म दिया?

सारांश

अमेरिका में ट्रंप के पूर्व सुरक्षा सलाहकार के घर पर एफबीआई का छापा, क्या यह ट्रंप की टैरिफ नीति पर बोल्टन की आलोचना का नतीजा है? जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

जॉन बोल्टन के घर पर एफबीआई का छापा एक महत्वपूर्ण घटना है।
बोल्टन ने ट्रंप की टैरिफ नीति की आलोचना की थी।
यह कार्रवाई संवेदनशील दस्तावेजों से जुड़ी है।
ट्रंप ने बोल्टन के खिलाफ कई कदम उठाए हैं।
राजनीतिक कारणों से यह मामला पहले बंद कर दिया गया था।

वॉशिंगटन, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन के मैरीलैंड स्थित आवास पर एफबीआई (एफबीआई) एजेंटों ने शुक्रवार सुबह छापा मारा। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब हाल ही में बोल्टन ने भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर भारी शुल्क लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले की कड़ी आलोचना की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, एफबीआई एजेंट सुबह 7 बजे बोल्टन के बेथेस्डा स्थित घर पहुंचे। जांच का आदेश एफबीआई निदेशक कश पटेल ने दिया था। छापे की शुरुआत के दौरान पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त संदेश लिखा, “कानून से ऊपर कोई नहीं… एफबीआई एजेंट मिशन पर हैं।”

बताया गया है कि यह मामला संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ा है, जिसकी जांच कई वर्ष पहले शुरू हुई थी। हालांकि, बाइडेन प्रशासन ने इसे “राजनीतिक कारणों” से बंद कर दिया था।

छापे के दौरान ही सुबह 7:32 बजे बोल्टन ने ‘एक्स’ पर एक बयान साझा किया। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की रूस-यूक्रेन युद्ध पर नीति की आलोचना करते हुए कहा कि मास्को का लक्ष्य अब भी यूक्रेन को नए रूसी साम्राज्य में खींचना है और इस प्रक्रिया में वार्ताएं किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचेंगी।

गौरतलब है कि बोल्टन पर 2020 में अपनी किताब “द रूम व्हेयर इट हैपन्ड” में गोपनीय जानकारी उजागर करने का आरोप लगा था। ट्रंप ने इस किताब के प्रकाशन को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो सके। बोल्टन लगातार ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति की आलोचना करते रहे हैं।

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही जनवरी माह में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर 50 पूर्व खुफिया अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी, जिनमें बोल्टन भी शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारा दृष्टिकोण यह है कि यह घटना अमेरिका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है। जॉन बोल्टन की आलोचना और एफबीआई की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल में बढ़ते तनाव को समझना आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जॉन बोल्टन पर एफबीआई का छापा क्यों पड़ा?
जॉन बोल्टन के खिलाफ एफबीआई का छापा संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेजों की जांच के लिए पड़ा, जो पहले से चल रही थी।
बोल्टन ने ट्रंप की टैरिफ नीति पर क्या कहा?
बोल्टन ने ट्रंप प्रशासन के भारत पर रूसी तेल आयात पर भारी शुल्क लगाने के फैसले की कड़ी आलोचना की।
क्या बोल्टन पर पहले भी आरोप लगे हैं?
हाँ, बोल्टन पर 2020 में अपनी किताब में गोपनीय जानकारी उजागर करने का आरोप लगा था।
ट्रंप ने बोल्टन के खिलाफ क्या कदम उठाए थे?
ट्रंप ने जनवरी में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर 50 पूर्व खुफिया अधिकारियों की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी।
क्या यह छापा राजनीतिक कारणों से हुआ?
खुद बाइडेन प्रशासन ने इस मामले को राजनीतिक कारणों से बंद कर दिया था, इसलिए यह छापा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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