28 अक्टूबर 2026
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'बुक योर लिकर' योजना पर AAP का अल्टीमेटम: सौरभ भारद्वाज ने 24 घंटे में वापसी की माँग, आंदोलन की चेतावनी

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'बुक योर लिकर' योजना पर AAP का अल्टीमेटम: सौरभ भारद्वाज ने 24 घंटे में वापसी की माँग, आंदोलन की चेतावनी

सारांश

'बुक योर लिकर' योजना पर AAP और BJP के बीच सियासी टकराव तेज़। सौरभ भारद्वाज ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। अस्पताल, पिंक कार्ड और मतदाता सूची जैसे मुद्दों को जोड़कर AAP ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सीधा हमला बोला।

मुख्य बातें

AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 28 अक्टूबर 2026 को BJP सरकार को 'बुक योर लिकर' योजना 24 घंटे में वापस लेने का अल्टीमेटम दिया।
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि समयसीमा में वापसी नहीं हुई तो AAP व्यापक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
AAP का आरोप — सरकार शराब की उपलब्धता को तो प्राथमिकता दे रही है, लेकिन अस्पतालों में बीमार-बुजुर्ग और महिलाओं के पिंक कार्ड जैसी बुनियादी समस्याएँ नज़रअंदाज़ की जा रही हैं।
भारद्वाज ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया; दावा — दिल्ली की लगभग एक-तिहाई आबादी प्रभावित।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 28 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को खुली चुनौती देते हुए 'बुक योर लिकर' योजना को 24 घंटे के भीतर वापस लेने की माँग की है। भारद्वाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने यह कदम नहीं उठाया तो AAP बड़े पैमाने पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।

क्या है 'बुक योर लिकर' योजना

दिल्ली की BJP सरकार द्वारा लाई गई 'बुक योर लिकर' योजना के तहत नागरिक शराब की दुकानों पर लंबी कतारों से बचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। सरकार का दावा है कि इससे भीड़-भाड़ कम होगी और वितरण व्यवस्था सुचारु होगी। हालाँकि, AAP ने इस योजना को जनहित के विरुद्ध बताते हुए इसका पुरज़ोर विरोध किया है।

भारद्वाज के आरोप और दलीलें

भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार की प्राथमिकताओं पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को शराब की दुकानों पर कतारों की चिंता है, लेकिन अस्पतालों में इलाज की प्रतीक्षा कर रहे बीमार और बुजुर्ग मरीजों की परेशानी उसे नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रति संवेदनहीन है।

AAP नेता ने महिलाओं के पिंक कार्ड के लिए लंबे इंतज़ार का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार इन समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने सरकार की तुलनात्मक उदासीनता को जनता के साथ अन्याय बताया।

मतदाता सूची का मुद्दा भी उठाया

भारद्वाज ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को भी इस विरोध के साथ जोड़ा। उनके अनुसार, दिल्ली की लगभग एक-तिहाई आबादी मतदाता सूची से जुड़े मामलों के कारण परेशान है। उन्होंने इस स्थिति का हवाला देते हुए BJP सरकार पर आम जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

आंदोलन की चेतावनी

भारद्वाज ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट कहा कि AAP इस योजना को जारी नहीं रहने देगी और इसे जनता के हितों के खिलाफ मानती है। उन्होंने 24 घंटे की कड़ी समयसीमा तय करते हुए कहा कि योजना वापस न होने पर पार्टी व्यापक आंदोलन छेड़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनावों के बाद AAP विपक्ष की भूमिका में है और BJP सरकार के हर कदम पर सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया दे रही है।

आगे क्या होगा

BJP सरकार की ओर से अभी तक इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। AAP के रुख को देखते हुए आने वाले घंटों में दिल्ली की राजनीति में और गर्माहट आने की संभावना है। गौरतलब है कि शराब नीति पहले भी दिल्ली में तीखे राजनीतिक टकराव का केंद्र रही है, और यह नई योजना उसी विवाद की अगली कड़ी बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मुद्दा दोनों दलों के लिए राजनीतिक हथियार बना हुआ है। भारद्वाज का यह अल्टीमेटम विरोध की रणनीति से ज़्यादा, विपक्ष की प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश भी है। असल सवाल यह है कि क्या AAP इस आंदोलन को ज़मीन पर उतार पाएगी या यह सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहेगा — क्योंकि विधानसभा चुनाव हारने के बाद सड़क पर जनसमर्थन जुटाना AAP के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बुक योर लिकर' योजना क्या है?
यह दिल्ली की BJP सरकार द्वारा लाई गई एक व्यवस्था है जिसके तहत नागरिक शराब की दुकानों पर कतारों से बचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि इससे वितरण सुचारु होगा, जबकि AAP इसे जनहित के विरुद्ध बताती है।
सौरभ भारद्वाज ने 24 घंटे का अल्टीमेटम क्यों दिया?
AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि BJP सरकार शराब की उपलब्धता को प्राथमिकता दे रही है, जबकि अस्पताल, पिंक कार्ड और मतदाता सूची जैसी बुनियादी समस्याएँ अनदेखी हो रही हैं। उन्होंने 24 घंटे में योजना वापस न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
AAP ने मतदाता सूची का मुद्दा इस विरोध से क्यों जोड़ा?
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान दिल्ली की लगभग एक-तिहाई आबादी के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने इसे BJP सरकार की जन-संवेदनहीनता के व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया।
क्या BJP सरकार ने इस अल्टीमेटम का जवाब दिया है?
28 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की ओर से इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले घंटों में BJP का रुख स्पष्ट होने की संभावना है।
AAP और दिल्ली में शराब नीति का विवाद नया है या पुराना?
दिल्ली में शराब नीति लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रही है। AAP की पूर्व आबकारी नीति को लेकर बड़ा विवाद हुआ था, और अब BJP सरकार की 'बुक योर लिकर' योजना उसी टकराव की नई कड़ी बन रही है।
राष्ट्र प्रेस
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