13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ब्रज मोहन राम ओडिशा के नए राज्यपाल नियुक्त, झारखंड भाजपा में उत्साह; प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ब्रज मोहन राम ओडिशा के नए राज्यपाल नियुक्त, झारखंड भाजपा में उत्साह; प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई

सारांश

पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर की अधिसूचना से ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में उनसे मुलाकात कर बधाई दी, जबकि बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के कई नेताओं ने शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

मुख्य बातें

ब्रज मोहन राम को 12 अक्टूबर 2026 की राष्ट्रपति भवन अधिसूचना के तहत ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
वह निवर्तमान राज्यपाल डॉ.
हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे।
झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर उनसे मुलाकात कर बधाई दी।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने शुभकामनाएँ दीं।
ब्रज मोहन राम पलामू से लगातार तीन बार (11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा) सांसद रहे।
वह 1991-1995 तक बिहार विधानसभा सदस्य और झारखंड प्रदेश भाजपा के SC मोर्चा प्रदेश प्रभारी भी रहे।

पलामू के पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर झारखंड भाजपा में हर्ष का माहौल है। राष्ट्रपति भवन से 12 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत उन्हें इस संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया है। वह निवर्तमान राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष की शिष्टाचार भेंट

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर ब्रज मोहन राम से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें बधाई दी। साहू ने कहा कि ब्रज मोहन राम का दीर्घ राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव ओडिशा के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रयासों में उपयोगी साबित होगा।

मरांडी समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएँ

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी उम्मीद जताई कि ब्रज मोहन राम अपने अनुभव के आधार पर राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

ब्रज मोहन राम का राजनीतिक सफर

1 जनवरी 1958 को तत्कालीन बिहार के पलामू जिले के चंदवा में जन्मे ब्रज मोहन राम का राजनीतिक सफर अविभाजित बिहार से शुरू हुआ। वह 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके पश्चात उन्होंने पलामू संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा और लगातार तीन बार विजय प्राप्त की।

वह 1996-1998 में 11वीं लोकसभा, 1998-1999 में 12वीं लोकसभा और 1999-2004 में 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे। अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऊर्जा, रेलवे, परिवहन और पर्यटन से संबंधित संसदीय समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

संसदीय समितियों में योगदान

ब्रज मोहन राम कोयला मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे, साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़ी संसदीय समितियों में भी उन्होंने अपना योगदान दिया। संगठन स्तर पर वह झारखंड प्रदेश भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी के रूप में भी कार्यरत रहे।

झारखंड के राजनीतिक हलकों में महत्व

गौरतलब है कि ब्रज मोहन राम की नियुक्ति को झारखंड के राजनीतिक हलकों में भी विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि यह राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता को संवैधानिक पद पर स्थान मिलने का अवसर है। उनके दीर्घ संसदीय अनुभव और अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखते हुए ओडिशा में उनसे व्यापक अपेक्षाएँ हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है — खासतौर पर उस झारखंड के संदर्भ में जहाँ अनुसूचित जाति-जनजाति की राजनीति निर्णायक भूमिका निभाती है। तीन बार के सांसद और संसदीय समितियों में अनुभवी नेता को संवैधानिक पद देना केंद्र की उस परंपरा के अनुरूप है जिसमें वरिष्ठ दलीय चेहरों को राजभवन भेजा जाता है। हालाँकि, ओडिशा में BJP सत्तारूढ़ है, ऐसे में राज्यपाल और सरकार के बीच समन्वय की राह कितनी सहज रहेगी — यह देखने वाली बात होगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल कब नियुक्त किया गया?
राष्ट्रपति भवन से 12 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वह निवर्तमान राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति का स्थान लेंगे।
ब्रज मोहन राम कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
ब्रज मोहन राम पलामू (झारखंड) के पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, जो 1991-1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 1996 से 2004 तक पलामू संसदीय क्षेत्र से लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीते और ऊर्जा, रेलवे, कोयला तथा एससी-एसटी कल्याण समितियों में सक्रिय रहे।
झारखंड भाजपा ने इस नियुक्ति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर ब्रज मोहन राम से शिष्टाचार भेंट कर बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
ब्रज मोहन राम ओडिशा में किन प्राथमिकताओं पर ध्यान दे सकते हैं?
आदित्य साहू के अनुसार, ब्रज मोहन राम का दीर्घ राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का अनुभव ओडिशा के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रयासों में उपयोगी साबित होगा। अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण में उनके संसदीय योगदान को देखते हुए इन क्षेत्रों में भी उनसे सक्रिय भूमिका की अपेक्षा है।
ब्रज मोहन राम से पहले ओडिशा के राज्यपाल कौन थे?
ब्रज मोहन राम से पहले ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भम्पति थे। राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार ब्रज मोहन राम उनका स्थान ग्रहण करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 घंटे पहले
  2. 19 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले