यूपी को बीमारू राज्य बनाया था पूर्व सरकारों ने: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 22 अगस्त 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' बनाकर रखा था, जबकि आज यह प्रदेश राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) राज्य के रूप में उभर चुका है। पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज हुई है और राज्य की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
पूर्व सरकारों पर आरोप
पाठक ने कहा कि पहले की सरकारों के दौर में हर जिले में एक माफिया का राज था और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा, 'आलम यह था कि एक हफ्ते बिजली रहती थी और दूसरे हफ्ते नहीं, लेकिन आज हमने राज्य की सूरत बदलकर रख दी है।' उन्होंने यह भी कहा कि पहले महिलाएँ शाम पाँच बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकल पाती थीं, लेकिन अब सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है।
सपा पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) की कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि यह दल सभी काम राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर करता है। पाठक ने दावा किया कि सपा को इस रवैये से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे विकास के मुद्दे पर बात करें और अपनी पुरानी पार्टी के नाम पर वोट माँगकर दिखाएँ।
जयंत चौधरी पर टिप्पणी की निंदा
पाठक ने सपा द्वारा जयंत चौधरी पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के लिए समर्पित किया था और ऐसे में जयंत चौधरी के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सर्वथा अनुचित है।
वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया
वंदे मातरम के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को लेकर पाठक ने कहा कि कांग्रेस केवल मुस्लिम तुष्टीकरण की वजह से इस राष्ट्रगीत का विरोध कर रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और सत्तारूढ़ दल तथा विपक्ष दोनों ही जनमत को साधने में लगे हैं।
विकास का दावा और आगे की राह
पाठक ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सड़कें, बुनियादी ढाँचा और कानून-व्यवस्था सभी में सुधार हुआ है और राज्य का युवा देश को राह दिखाने में सक्षम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहाँ भी कोई कमी है, उसे दूर करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ये दावे विपक्षी दलों की जवाबी कार्रवाई को और तेज कर सकते हैं।