बृजभूषण बरी: 'गलत संदेश गया' — महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने सोमवार, 3 अगस्त को मुंबई में एकाधिक मुद्दों पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को अदालत द्वारा बरी किए जाने पर सपकाल ने कहा कि इस फैसले से 'गलत संदेश' गया है।
बृजभूषण बरी: सपकाल की कड़ी आपत्ति
सपकाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद बृजभूषण शरण सिंह को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, 'देश का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों ने जो गंभीर आरोप लगाए थे, उन्हें पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए थी।' उनके अनुसार, अदालत के इस फैसले से यह प्रतीत होता है कि सत्ता से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून समान रूप से लागू नहीं होता। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।
राष्ट्रमंडल खेल और खिलाड़ियों का मनोबल
सपकाल ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस प्रकार का फैसला आने से खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने देश के नागरिक के रूप में उन महिला खिलाड़ियों से माफी माँगी, जिन्होंने न्याय की उम्मीद के साथ अपनी आवाज उठाई थी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व बॉक्सर विजेंद्र सिंह द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की खेलों पर कथित चुप्पी को लेकर उठाए गए सवाल पर सपकाल ने कहा कि राहुल गांधी का खेलों से गहरा जुड़ाव रहा है और वे कई बार प्रतियोगिताएं देखने भी जाते हैं।
पप्पू यादव पर हमला और सिद्धिविनायक मंदिर विवाद
सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले के बारे में सपकाल ने आरोप लगाया कि यह घटना राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है। सिद्धिविनायक मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोपों पर उन्होंने माँग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से केवल बयानबाजी हो रही है, जबकि सरकार को तुरंत जांच कराकर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
आरटीआई मामले पर BJP पर निशाना
अभिजीत दीपके के खिलाफ दाखिल आरटीआई मामले पर सपकाल ने BJP पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी व्यक्ति BJP के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे ब्लैकमेल करने, धमकाने और वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। उनके अनुसार, BJP से जुड़े लोगों के मामलों में सरकार का रवैया अलग रहता है और उन पर कार्रवाई नहीं होती।
आगे क्या
सपकाल के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज होने के आसार हैं। बृजभूषण बरी मामले पर विपक्ष की आक्रामकता आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर और तेज हो सकती है।