पुणे एयरपोर्ट पर ₹1 करोड़ का हशीश जब्त, कॉस्मेटिक जार में छिपाकर बैंकॉक से लाई थी महिला यात्री
सारांश
मुख्य बातें
पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लोहेगांव) पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने 1 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक से आई एक महिला यात्री के सामान से 1.243 किलोग्राम संदिग्ध भांग का अर्क (हशीश) जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग ₹1 करोड़ बताई गई है। यह नशीला पदार्थ तीन ब्रांडेड कॉस्मेटिक जार में छिपाकर लाया गया था।
कैसे हुई पकड़?
महिला यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-241 से 1 अक्टूबर की शाम पुणे पहुँची थी। पुणे कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की पुणे रीजनल यूनिट के अधिकारियों ने उसके संदिग्ध व्यवहार और चेक-इन सामान की स्क्रीनिंग के दौरान उसे रोका।
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत की गई विस्तृत तलाशी में अधिकारियों को तीन कॉस्मेटिक कंटेनरों के भीतर तेज गंध वाला, मोम जैसा आधा ठोस पदार्थ मिला। इनमें से दो जार पर 'राइस एंड योक हेयर ट्रीटमेंट' और एक पर 'बॉडी स्क्रब' का लेबल लगा था।
फील्ड टेस्ट में पुष्टि
अधिकारियों ने नारकोटिक ड्रग फील्ड टेस्टिंग किट से जाँच की, जिसमें पदार्थ के कैनबिस (गांजा) अर्क होने की प्रारंभिक पुष्टि हुई। कुल 1.243 किलोग्राम संदिग्ध कैनबिस एक्सट्रैक्ट को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत विधिवत जब्त किया गया। महिला यात्री को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और प्रतिबंधित पदार्थ के स्रोत तथा संभावित गंतव्य का पता लगाने के लिए आगे की जाँच जारी है।
पिछला मामला: लखनऊ एयरपोर्ट पर भी हुई थी बरामदगी
यह घटना अकेली नहीं है। इससे पूर्व 4 सितंबर को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मलिहाबाद निवासी अनवर अली को एफआरआरओ अधिकारियों ने इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान उसके संदिग्ध यात्रा पैटर्न के कारण हिरासत में लिया था। अली मस्कट से फ्लाइट डब्ल्यूवाई-265 के ज़रिये लखनऊ आया था।
एडवांस पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (APIS) के प्री-अराइवल डेटा विश्लेषण से पता चला कि अली ने लखनऊ पहुँचने से पहले बैंकॉक से ओमान की यात्रा की थी। पूछताछ में उसने यात्रा का कारण 'व्यापारिक उद्देश्य' बताया, लेकिन अधिकारियों को शक होने पर उसे एआईयू को सौंपा गया। इसके बाद उसके सामान से 1.677 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹2 करोड़ आँकी गई।
व्यापक संदर्भ और आगे की जाँच
गौरतलब है कि बैंकॉक एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट के रूप में उभरा है, जहाँ से भारतीय एयरपोर्टों पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दोनों मामलों में अधिकारियों की सतर्कता और यात्रा-पूर्व डेटा विश्लेषण की अहम भूमिका रही। पुणे मामले में जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने में जुटी हैं।
आने वाले दिनों में दोनों प्रकरणों में न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध औपचारिक आरोप दाखिल किए जाने की संभावना है।