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हौज खास में एसी विस्फोट से लगी आग, CCI के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार (80) का निधन

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हौज खास में एसी विस्फोट से लगी आग, CCI के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार (80) का निधन

सारांश

दिल्ली के हौज खास में एसी इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद लगी आग ने देश को एक दिग्गज नौकरशाह से महरूम कर दिया। CCI के संस्थापक चेयरमैन और 1968 बैच के IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार का 80 वर्ष की आयु में निधन — एक करियर जो विश्व बैंक से लेकर भारत की प्रतिस्पर्धा नीति की नींव तक फैला था।

मुख्य बातें

धनेंद्र कुमार (80 वर्ष), 1968 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी और CCI के पहले चेयरमैन , का 29 मई 2026 की रात दिल्ली के हौज खास में घर में आग लगने से निधन।
प्रारंभिक जाँच के अनुसार एसी की इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद आग भड़की; अत्यधिक धुएँ से हालत गंभीर हुई।
घटना के समय घर में पाँच लोग मौजूद थे; उनके बेटे को भी चोटें आईं, हालत खतरे से बाहर ।
धनेंद्र कुमार फरवरी 2009 से जून 2011 तक CCI के चेयरमैन रहे; नवंबर 2005 से जनवरी 2009 तक विश्व बैंक में भारत के कार्यकारी निदेशक।
पुलिस को किसी साजिश या आपराधिक गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले; फॉरेंसिक जाँच जारी।

नई दिल्ली के हौज खास इलाके में 29 मई 2026 की रात एक आवासीय घर में भीषण आग लगने से 1968 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार (आयु 80 वर्ष) का निधन हो गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि घर में लगे एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद आग भड़की। हादसे में उनके बेटे को भी चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 11:18 बजे दक्षिण दिल्ली के पॉश हौज खास इलाके में स्थित धनेंद्र कुमार के आवास में आग लगी। उस वक्त घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू कर्मचारियों समेत कुल पाँच लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और फँसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।

धनेंद्र कुमार और उनके बेटे को घर से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक धुआँ अंदर चले जाने से उनकी हालत गंभीर हो गई थी और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके का मुआयना किया और पुलिस को फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं।

धनेंद्र कुमार: एक असाधारण प्रशासनिक करियर

धनेंद्र कुमार देश के सबसे प्रतिष्ठित नौकरशाहों में गिने जाते थे। 1968 बैच के आईएएस अधिकारी के रूप में उन्होंने केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों — रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय — में वरिष्ठ पद संभाले। संस्कृति मंत्रालय में सचिव रहते हुए उन्होंने देश की सांस्कृतिक संस्थाओं और धरोहर संरक्षण की देखरेख की।

वह ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक भी रहे, जहाँ उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत करने वाली परियोजनाओं का नेतृत्व किया। हरियाणा में उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के चेयरमैन-प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया। करनाल और जींद जैसे जिलों में डिप्टी कमिश्नर के रूप में उनका शुरुआती प्रशासनिक अनुभव उनकी जमीनी समझ की बुनियाद रहा।

विश्व बैंक से CCI तक: अंतरराष्ट्रीय पहचान

नवंबर 2005 से जनवरी 2009 तक धनेंद्र कुमार विश्व बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के कार्यकारी निदेशक रहे और दक्षिण एशिया में आर्थिक विकास व वित्तीय सहयोग के मामलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

फरवरी 2009 में उन्हें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया और वह जून 2011 तक इस पद पर रहे। उनके नेतृत्व में CCI ने बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और बड़ी कंपनियों की एकाधिकार प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति तैयार करने के लिए उनकी अध्यक्षता में एक विशेष समिति भी गठित की थी।

सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय भूमिका

सेवानिवृत्ति के बाद भी धनेंद्र कुमार सार्वजनिक नीति और कॉरपोरेट मामलों में सक्रिय रहे। वह Competition Advisory Services India LLP के संस्थापक चेयरमैन थे और Indian Institute of Corporate Affairs के स्कूल ऑफ कॉम्पिटिशन लॉ में प्रिंसिपल एडवाइजर तथा चीफ मेंटर की भूमिका निभा रहे थे। आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने भी उन्हें रियल एस्टेट परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया सुगम बनाने वाली समिति का चेयरमैन नियुक्त किया था।

उन्हें हरियाणा सरकार का नेशनल सिटिजंस अवॉर्ड और लोक प्रशासन में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था। उनके निधन से भारतीय प्रशासनिक और प्रतिस्पर्धा विधि जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे आज भी बाजार नियमन की रीढ़ हैं। यह हादसा एक बार फिर शहरी आवासों में बिजली उपकरणों की सुरक्षा और अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल उठाता है — खासकर तब, जब एसी विस्फोट से जुड़ी घटनाएँ दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती जा रही हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनेंद्र कुमार कौन थे और उनका क्या योगदान था?
धनेंद्र कुमार 1968 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन थे। उन्होंने फरवरी 2009 से जून 2011 तक CCI का नेतृत्व किया और भारत में बाजार प्रतिस्पर्धा की नियामक नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।
हौज खास में आग कैसे लगी?
दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, 29 मई 2026 की रात करीब 11:18 बजे घर में लगे एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद आग लगी। पुलिस को अभी तक किसी साजिश या आपराधिक गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं और फॉरेंसिक जाँच जारी है।
हादसे में और कौन प्रभावित हुए?
घटना के समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू कर्मचारियों समेत कुल पाँच लोग मौजूद थे। धनेंद्र कुमार के बेटे को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और अस्पताल में उपचार जारी है।
धनेंद्र कुमार का विश्व बैंक से क्या संबंध था?
नवंबर 2005 से जनवरी 2009 तक धनेंद्र कुमार विश्व बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के कार्यकारी निदेशक रहे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण एशिया में आर्थिक विकास और वित्तीय सहयोग से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों में इन देशों का प्रतिनिधित्व किया।
CCI के पहले चेयरमैन के रूप में धनेंद्र कुमार की क्या उपलब्धियाँ रहीं?
CCI के पहले चेयरमैन के रूप में धनेंद्र कुमार ने बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और बड़ी कंपनियों की एकाधिकार प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने उनकी अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति तैयार करने के लिए एक विशेष समिति भी गठित की थी।
राष्ट्र प्रेस
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