14 जुलाई 2026
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हौज खास आग: पूर्व CCI प्रमुख धनेन्द्र कुमार की मौत, फायर ब्रिगेड पर एक घंटे देरी का आरोप

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हौज खास आग: पूर्व CCI प्रमुख धनेन्द्र कुमार की मौत, फायर ब्रिगेड पर एक घंटे देरी का आरोप

सारांश

दिल्ली के हौज खास में एसी की इनडोर यूनिट में विस्फोट से लगी आग ने CCI के पूर्व प्रथम अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धनेन्द्र कुमार की जान ले ली। पड़ोसी का आरोप है कि फायर ब्रिगेड एक घंटे देर से पहुँची — एक सवाल जो राजधानी की अग्निशमन प्रतिक्रिया क्षमता पर उँगली उठाता है।

मुख्य बातें

धनेन्द्र कुमार (80 वर्ष), CCI के पूर्व प्रथम अध्यक्ष और 1968 बैच के आईएएस अधिकारी, 29 मई 2026 की रात हौज खास, दिल्ली में लगी आग में चल बसे।
प्रारंभिक जाँच में एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में विस्फोट को आग का संभावित कारण बताया गया है।
पड़ोसी रमेश ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँची।
घटना के समय घर में पाँच लोग मौजूद थे; धनेन्द्र कुमार के बेटे का उपचार जारी है, वे खतरे से बाहर हैं।
उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला गया; पुलिस और फॉरेंसिक टीम जाँच में जुटी है, साजिश की आशंका से अधिकारियों ने इनकार किया।

दक्षिण दिल्ली के हौज खास इलाके में 29 मई 2026 की रात एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पूर्व प्रथम अध्यक्ष और 1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धनेन्द्र कुमार (80 वर्ष) की मृत्यु हो गई। घटना के बाद एक पड़ोसी ने आरोप लगाया है कि फायर ब्रिगेड सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँची, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

घटनाक्रम: रात 11 बजे के बाद भड़की आग

दिल्ली पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार रात लगभग 11:18 बजे हौज खास स्थित धनेन्द्र कुमार के आवास पर हुई। उस समय घर में उनके बेटे, बेटी और कुछ घरेलू कर्मचारियों सहित कुल पाँच लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुँचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। फायरकर्मियों ने अंदर फँसे लोगों को बाहर निकाला और आग पर काबू पाया।

धनेन्द्र कुमार और उनके बेटे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान धनेन्द्र कुमार की मृत्यु हो गई। उनका बेटा खतरे से बाहर बताया गया है और उपचार जारी है। धनेन्द्र कुमार की पत्नी, जो व्हीलचेयर पर हैं, को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

फायर ब्रिगेड पर देरी का आरोप

पड़ोसी रमेश ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की देरी ने हादसे को और घातक बना दिया। उन्होंने कहा, 'आग रात में लगी थी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ आसानी से पहुँच सकती थीं, लेकिन पता नहीं क्यों वे देर से पहुँचे। वे करीब एक घंटे बाद आए।' रमेश ने यह भी बताया कि जब स्थानीय लोगों ने देरी पर सवाल उठाए तो फायर अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पता ढूँढने में देर लगी।

रमेश ने आगे कहा कि जब लोगों ने अंदर जाकर बचाव की कोशिश की तो घने धुएँ के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक दिल्ली फायर सर्विस द्वारा आधिकारिक रूप से स्वीकार या खंडित नहीं किए गए हैं।

आग की वजह: एसी में विस्फोट का संदेह

प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि आग संभवतः घर में लगी एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में हुए धमाके के बाद भड़की। पड़ोसी रमेश ने भी इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़ा। अधिकारियों ने अब तक किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है और आग के सटीक कारण की पुष्टि जाँच के बाद ही होगी।

धनेन्द्र कुमार: एक प्रतिष्ठित प्रशासनिक करियर

धनेन्द्र कुमार 1968 बैच के आईएएस अधिकारी थे और अपने दीर्घ एवं प्रतिष्ठित प्रशासनिक करियर के लिए जाने जाते थे। उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। केंद्रीय स्तर पर उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय में वरिष्ठ जिम्मेदारियाँ निभाईं।

रक्षा मंत्रालय में उन्होंने प्रशासनिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्य देखे, जबकि सड़क परिवहन मंत्रालय में बुनियादी ढाँचे और राजमार्ग विकास में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के प्रथम अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देश की प्रतिस्पर्धा नीति की नींव रखी।

आगे की जाँच

पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर साक्ष्य जुटा रहे हैं। फायर ब्रिगेड की कथित देरी के आरोप की भी जाँच अपेक्षित है। इस दुखद घटना ने राजधानी में अग्निशमन सेवाओं की प्रतिक्रिया क्षमता और आवासीय भवनों में एसी सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पहली बार नहीं होगा जब दिल्ली में देरी से पहुँची दमकल ने त्रासदी को और गहरा किया हो। इसके साथ ही एसी की इनडोर यूनिट में विस्फोट की घटना आवासीय भवनों में विद्युत उपकरणों की सुरक्षा जाँच और रखरखाव के प्रति बरती जा रही लापरवाही की ओर भी ध्यान दिलाती है — एक ऐसा पहलू जिस पर नियामक ध्यान अपेक्षाकृत कम रहा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनेन्द्र कुमार कौन थे?
धनेन्द्र कुमार 1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी थे और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय सहित कई केंद्रीय मंत्रालयों में वरिष्ठ पद संभाले थे।
हौज खास में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि आग संभवतः घर में लगी एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में हुए विस्फोट के बाद भड़की। पड़ोसी ने इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़ा है। अधिकारियों ने अब तक किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है और फॉरेंसिक जाँच जारी है।
फायर ब्रिगेड पर देरी का आरोप क्या है?
पड़ोसी रमेश ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँची। उनका कहना है कि देरी का कारण पूछने पर अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पता ढूँढने में समय लगा। यह आरोप अभी तक दिल्ली फायर सर्विस द्वारा आधिकारिक रूप से स्वीकार या खंडित नहीं किया गया है।
घटना के समय घर में और कौन थे और उनकी क्या स्थिति है?
घटना के समय घर में धनेन्द्र कुमार के बेटे, बेटी और कुछ घरेलू कर्मचारियों सहित कुल पाँच लोग मौजूद थे। उनके बेटे को भी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। उनकी पत्नी, जो व्हीलचेयर पर हैं, को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर जाँच कर रही है। आग के सटीक कारण की पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद होगी। फायर ब्रिगेड की कथित देरी के आरोप की भी जाँच अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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