केंद्र सरकार में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का महत्वपूर्ण बदलाव, नई भूमिकाएँ सौंपी गईं
सारांश
Key Takeaways
- महत्वपूर्ण बदलाव: आईएएस अधिकारियों में बड़े फेरबदल की घोषणा।
- नई जिम्मेदारियाँ: कई अधिकारियों को नई भूमिकाएँ सौंपी गईं।
- प्रशासनिक सुधार: कुशल प्रबंधन का उद्देश्य।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियाँ दी हैं। इसमें विभिन्न मंत्रालयों में अतिरिक्त सचिव स्तर की नियुक्तियाँ शामिल हैं। गुजरात कैडर के कुछ अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ सौंपी गई हैं।
इस बदलाव के अंतर्गत पुनीत कंसल को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव का पद दिया गया है। मोना के. खांधार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैज अहमद किदवई को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
वीर विक्रम यादव को नागरिक उड्डयन के महानिदेशक का पदभार सौंपा गया है। विशाल गगन को केंद्रीय सूचना आयोग में सचिव बनाया गया है। श्रीधर चिरुवोलु को प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव का पद मिला है। आरती कुंवर को वस्त्र मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
विजय नेहरा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। लोखंडे प्रशांत सीताराम को गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव की नियुक्ति दी गई है। दिवाकर नाथ मिश्रा को विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है।
अंकिता मिश्रा बुंदेला को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। नीतू कुमारी प्रसाद को वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव का पद सौंपा गया है। अंशुमान पटनायक को कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है।
यह बदलाव प्रशासन को और मजबूत करने और विभिन्न मंत्रालयों में कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इन नई नियुक्तियों से संबंधित मंत्रालयों के कामकाज में नई गति आने की संभावना है। कई अधिकारी अब केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार समय-समय पर ऐसे बदलाव करती रहती है ताकि अनुभवी अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे सकें। ये बदलाव न केवल अधिकारियों के करियर विकास में सहायक होते हैं बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित करते हैं।