29 सितंबर 2026
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मिशन कर्मयोगी वर्कशॉप में चंद्रबाबू नायडू की अपील: एआई से गवर्नेंस सुधारें, आंध्र प्रदेश को मिला राष्ट्रीय पहला स्थान

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मिशन कर्मयोगी वर्कशॉप में चंद्रबाबू नायडू की अपील: एआई से गवर्नेंस सुधारें, आंध्र प्रदेश को मिला राष्ट्रीय पहला स्थान

सारांश

विजयवाड़ा में मिशन कर्मयोगी वर्कशॉप में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने एआई को गवर्नेंस सुधार का केंद्र बताया और सरकारी कर्मचारियों से निरंतर कौशल उन्नयन की अपील की। आंध्र प्रदेश ने आई गॉट पोर्टल पर 2 करोड़ कोर्स पूरे कर क्षमता निर्माण में राष्ट्रीय पहला स्थान हासिल किया।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 29 सितंबर को विजयवाड़ा में मिशन कर्मयोगी वर्कशॉप में एआई-आधारित गवर्नेंस सुधार की वकालत की।
आंध्र प्रदेश ने आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर 2 करोड़ कोर्स पूरे कर क्षमता निर्माण में राष्ट्रीय पहला स्थान हासिल किया।
पुरस्कार वित्त विभाग के प्रधान सचिव पीयूष कुमार और एपी राज्य विकास योजना सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक अलापार्थी वेंकटेश्वर राव को प्रदान किया गया।
कर्नाटक दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर रहे।
क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने 'नागरिक देवो भव:' को केंद्र व राज्य सरकारों का मूल सिद्धांत बताया।
नायडू ने कहा कि अगले 20 वर्ष भारत के विकास के लिए निर्णायक हैं और सरकारी कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण लेना चाहिए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 29 सितंबर को विजयवाड़ा में आयोजित 'मिशन कर्मयोगी' वर्कशॉप में गवर्नेंस प्रणाली और सरकारी संस्थानों में आमूल-चूल बदलाव की पुरज़ोर वकालत की, ताकि नागरिकों की बढ़ती उम्मीदों को पूरा किया जा सके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का भरपूर लाभ उठाया जा सके। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश को सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला।

मुख्यमंत्री का संबोधन और मुख्य संदेश

क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि अगले 20 वर्ष भारत के विकास के लिहाज़ से अत्यंत निर्णायक हैं। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कौशल को निरंतर उन्नत करते रहें।

उन्होंने कहा कि भारत के पास अपार अवसर, आधुनिक तकनीक, प्रतिभाशाली युवा और तीव्र होती आकांक्षाएँ हैं। उनके अनुसार, मुख्य चुनौती यह है कि इन आकांक्षाओं को साकार करने के लिए गवर्नेंस तंत्र और संस्थाओं को पर्याप्त रूप से सशक्त बनाया जाए।

आई गॉट–मिशन कर्मयोगी पहल और आंध्र की उपलब्धि

नायडू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी कर्मचारियों के कौशल विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन' के ज़रिए 'आई गॉट–मिशन कर्मयोगी' ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत की है। यह प्लेटफ़ॉर्म अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी दक्षताएँ नियमित रूप से बेहतर बनाने का अवसर देता है।

उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार के तंत्र को आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर 2 करोड़ कोर्स पूरे करने के लिए बधाई दी, जिसकी बदौलत राज्य ने क्षमता निर्माण में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री नायडू ने यह पुरस्कार वित्त विभाग के प्रधान सचिव पीयूष कुमार और एपी राज्य विकास योजना सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक अलापार्थी वेंकटेश्वर राव को प्रदान किया।

गौरतलब है कि क्षमता निर्माण में कर्नाटक को दूसरा और ओडिशा को तीसरा स्थान मिला, जिनके प्रतिनिधियों को भी नायडू ने पुरस्कृत किया।

तकनीक, विभागीय समन्वय और सेवा गुणवत्ता

नायडू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रौद्योगिकी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। उनके अनुसार, विभागों के बीच सूचना के निरंतर आदान-प्रदान से त्वरित निर्णय लेना संभव होगा और समस्याओं को संकट का रूप लेने से पहले ही पहचान कर हल किया जा सकेगा।

उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने, त्योहारों के आयोजन और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में सरकारी कर्मचारियों की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी अक्सर परिवार के साथ समय का त्याग कर जनसेवा में समर्पित रहते हैं और उनके इस योगदान को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष का नज़रिया

क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान ने कहा कि एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के दौर में सरकारी अधिकारियों की क्षमताओं को और अधिक विकसित करने की ज़रूरत है। उन्होंने 'नागरिक देवो भव:' — अर्थात नागरिक को देवता के समान मानने — को केंद्र और राज्य सरकारों के लिए एक मूल मार्गदर्शक सिद्धांत बताया।

चौहान ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने आचरण, प्रशासनिक दक्षता, प्रदर्शन और कौशल को इसी सिद्धांत के अनुरूप ढालना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के प्रशिक्षण संगठन, क्षमता निर्माण आयोग के माध्यम से 'उन्नति' जैसी पहल संचालित कर रहे हैं।

आगे की राह

यह वर्कशॉप ऐसे समय में आयोजित हुई जब देश भर में डिजिटल गवर्नेंस और एआई-आधारित सार्वजनिक सेवाओं को लेकर नीतिगत चर्चा तेज़ हो रही है। राधा चौहान ने कहा कि इस तरह की क्षेत्रीय कार्यशालाएँ सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और क्षमताओं को बढ़ाने का महत्त्वपूर्ण मंच हैं। आंध्र प्रदेश की इस राष्ट्रीय उपलब्धि से अन्य राज्यों के लिए भी क्षमता निर्माण को प्राथमिकता देने का संदेश जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि पोर्टल पर पूरे किए गए 2 करोड़ कोर्स ज़मीनी स्तर पर सेवा वितरण में कितना ठोस सुधार लाए हैं। चंद्रबाबू नायडू की टेक-फर्स्ट सोच उनके पुराने 'साइबराबाद' दौर की याद दिलाती है, जहाँ डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की घोषणाएँ तो बड़ी होती थीं, पर नागरिक अनुभव में बदलाव धीमा रहा। एआई को गवर्नेंस में एकीकृत करने की बात तब तक अधूरी है जब तक विभागीय डेटा-साझाकरण की कानूनी और तकनीकी बाधाएँ दूर न हों। वर्कशॉप का संदेश सही दिशा में है, पर मापन-योग्य परिणामों के बिना यह एक और प्रेरक भाषण बनकर रह सकता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन कर्मयोगी वर्कशॉप क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
मिशन कर्मयोगी, क्षमता निर्माण आयोग द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को 'आई गॉट' ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए निरंतर प्रशिक्षण देना है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी और इसका लक्ष्य राज्य से लेकर ज़मीनी स्तर तक सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना है।
आंध्र प्रदेश को क्षमता निर्माण में पहला स्थान कैसे मिला?
आंध्र प्रदेश ने आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर 2 करोड़ कोर्स पूरे कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि राज्य के सरकारी कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी और क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
29 सितंबर की वर्कशॉप में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा?
नायडू ने कहा कि गवर्नेंस प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ज़रूरी है और एआई जैसी तकनीकों का उपयोग सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से निरंतर प्रशिक्षण लेने की अपील की और विभागों के बीच सूचना-साझाकरण को त्वरित निर्णय लेने के लिए आवश्यक बताया।
क्षमता निर्माण में अन्य राज्यों का प्रदर्शन कैसा रहा?
आंध्र प्रदेश के बाद कर्नाटक दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर रहा। तीनों राज्यों को मुख्यमंत्री नायडू ने विजयवाड़ा में आयोजित वर्कशॉप में पुरस्कृत किया।
'नागरिक देवो भव:' सिद्धांत का सरकारी कामकाज में क्या महत्त्व है?
क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष राधा चौहान के अनुसार, 'नागरिक देवो भव:' — यानी नागरिक को देवता के समान मानना — केंद्र और राज्य सरकारों के लिए एक मूल मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुका है। सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षा है कि वे अपने आचरण, दक्षता और कौशल को इसी सिद्धांत के अनुरूप ढालें।
राष्ट्र प्रेस
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