चंद्रबाबू नायडू का दावा: PM मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, भारत विकसित देशों की राह पर
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित वाराणसी-वडनगर सेवा संकल्प अभियान कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को विकसित देशों की श्रेणी में ले जाने की दिशा में अथक प्रयास कर रहे हैं। नायडू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मान्यता है कि 'लोगों की सेवा ही राष्ट्र की सेवा है।' यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
वाराणसी और वडनगर को जोड़ती सेवा यात्रा
वाराणसी-वडनगर सेवा यात्रा को सेवा संकल्प अभियान के तहत आरंभ किया गया है, जो प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को उनके जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से जोड़ती है। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के बयान के अनुसार, नायडू ने काशी को प्रधानमंत्री मोदी की 'कर्मभूमि' बताते हुए कहा कि मोदी वाराणसी से तीन बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उनके अनुसार, काशी ने केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक नेता चुना।
कार्यक्रम से पहले नायडू ने केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, चिराग पासवान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
सरकारी योजनाओं का उल्लेख
नायडू ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जबकि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन और अमृत योजनाओं के माध्यम से चार करोड़ परिवारों तक पेयजल की सुविधा पहुँचाई गई है।
पीएम किसान योजना की चर्चा करते हुए नायडू ने कहा कि इससे 11 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। उनके अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान भारत ने 200 करोड़ कोविड वैक्सीन खुराक का उत्पादन किया और 101 देशों को नि:शुल्क टीके उपलब्ध कराकर वैश्विक दायित्व निभाया।
रक्षा, तकनीक और स्टार्टअप पर जोर
नायडू ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत नीति ने 'मेक इन इंडिया' की अवधारणा को ठोस आधार दिया है। जहाँ पहले भारत रक्षा उपकरणों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, वहीं अब देश रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष, ड्रोन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए नायडू ने बताया कि आज भारत में 2.20 लाख स्टार्टअप हैं, जिनके जरिए युवा नौकरी खोजने वाले की जगह रोजगार देने वाले बन रहे हैं। उनके अनुसार, स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है।
महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम
महिला कल्याण के संदर्भ में नायडू ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी, उज्ज्वला और मुद्रा योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनकी आर्थिक भागीदारी को भी मजबूत कर रहे हैं।
नायडू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भी प्रशंसा की, जो विधायिकाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देता है। उनके अनुसार, यह कानून देश में बड़े बदलाव का सूत्रपात करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद और अयोध्या
सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में नायडू ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया और इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बधाई दी। नक्सलवाद से मुकाबले का अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने नक्सलवाद और माओवाद को समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की भी नायडू ने प्रशंसा की और इसे जनभावना की दीर्घकालीन आकांक्षा की पूर्ति बताया। उन्होंने घोषणा की कि आंध्र प्रदेश सरकार अयोध्या में भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनाना चाहती है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 10 एकड़ भूमि आवंटन की अपील की।
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब एनडीए सरकार अपनी विभिन्न जनकल्याण योजनाओं की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने का व्यापक अभियान चला रही है। आने वाले समय में इस अभियान के तहत और भी कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।