चंद्रबाबू नायडू 17 सितंबर को वाराणसी में 'सेवा संकल्प अभियान' में होंगे शामिल, काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 17 सितंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' में भाग लेंगे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जन-सेवा यात्रा को समर्पित है, जिसके तहत देशभर में एक महीने तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन से विशेष रूप से जुड़े दो स्थलों — वाराणसी और वडनगर — को केंद्र में रखकर 'वाराणसी-वडनगर सेवा यात्रा' का आयोजन किया जा रहा है। वाराणसी मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि वडनगर उनका जन्मस्थान है। इन दोनों स्थानों को जोड़ने वाला यह अभियान उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर का प्रतीकात्मक चित्रण करता है।
गौरतलब है कि इस तरह के आयोजन उस व्यापक रूपरेखा का हिस्सा हैं, जिनके तहत सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता और जन-प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता प्रदर्शित करते हैं।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू गुरुवार, 17 सितंबर को सुबह 7:30 बजे विजयवाड़ा से प्रस्थान करेंगे और सुबह 9:35 बजे वाराणसी पहुँचेंगे। सुबह 11:15 बजे वे काशी विश्वनाथ मंदिर में श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।
इसके बाद, नायडू रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुँचेंगे और सेवा यात्रा के फ्लैग-ऑफ समारोह में सहभागिता करेंगे। वे दोपहर 3:10 बजे वाराणसी से वापसी की उड़ान लेंगे और शाम 5:15 बजे अमरावती लौटेंगे।
अभियान का उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार, 'सेवा संकल्प अभियान' का मूल संदेश यह है कि देश के विकास की प्रक्रिया में जन-भागीदारी, सेवा-भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व अपरिहार्य हैं। इस अभियान में युवा, जन-प्रतिनिधि और सेवा कार्यों से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं।
अभियान का लक्ष्य हर गाँव, हर परिवार, हर युवा और हर महिला को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणा देना बताया गया है।
आगे क्या
यह एक दिवसीय यात्रा मुख्यमंत्री नायडू के लिए केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ समन्वय का सार्वजनिक प्रदर्शन भी मानी जा रही है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में देशभर में और कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।