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रविचंद्रन अश्विन: 500+ विकेट और 6 टेस्ट शतक का अनोखा संगम, भारत के लिए 11 बार जीता 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'

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रविचंद्रन अश्विन: 500+ विकेट और 6 टेस्ट शतक का अनोखा संगम, भारत के लिए 11 बार जीता 'प्लेयर ऑफ द सीरीज'

सारांश

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 500 से अधिक विकेट और 6 शतक का दोहरा कमाल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन का आज जन्मदिन है। चेन्नई से निकले इस ऑफ-स्पिनर ने भारत के लिए 106 टेस्ट में 537 विकेट लिए और 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' जीता — एक ऐसा रिकॉर्ड जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों में स्थापित करता है।

मुख्य बातें

रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितंबर 1986 को चेन्नई में हुआ।
वे टेस्ट क्रिकेट में 500+ विकेट और 6 शतक दोनों हासिल करने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं।
अश्विन ने 106 टेस्ट में 537 विकेट लिए, जिसमें 37 बार एक पारी में 5 या अधिक विकेट शामिल हैं।
भारत की ओर से टेस्ट में सर्वाधिक 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' जीतने का रिकॉर्ड उनके नाम है।
वे 2011 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2015) और पद्म श्री से सम्मानित किया।

भारतीय क्रिकेट के महान ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 500 से अधिक विकेट लेने के साथ-साथ इस प्रारूप में 6 शतक भी जड़े हैं। 17 सितंबर 1986 को चेन्नई में जन्मे अश्विन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में वे उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनकी कल्पना बड़े-से-बड़ा क्रिकेटर करता है। भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड जीतना उनकी निरंतरता का प्रमाण है।

शुरुआती जीवन और क्रिकेट से परिचय

अश्विन के पिता स्वयं एक मध्यम गति के गेंदबाज थे और पिता की क्रिकेट के प्रति लगन ने ही युवा अश्विन को इस खेल से जोड़ा। करियर के शुरुआती दिनों में वे सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाते थे। परंतु 14 वर्ष की आयु में एक गंभीर चोट ने उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर कर दिया। वापसी के बाद सलामी बल्लेबाजी की जगह भर चुकी थी, तो माँ के प्रोत्साहन पर उन्होंने स्पिन गेंदबाजी में हाथ आजमाया — और यहीं से एक नई क्रिकेट-कथा की शुरुआत हुई।

अंतरराष्ट्रीय पदार्पण और तेज़ उभार

घरेलू क्रिकेट में लगातार उम्दा प्रदर्शन के बाद 2010 में अश्विन को भारतीय टीम का बुलावा मिला। उन्होंने ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध वनडे प्रारूप में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और उसी वर्ष टी20 इंटरनेशनल में भी क्रिकेट के मंच पर कदम रखा। टेस्ट क्रिकेट में उनका डेब्यू 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ। अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाजी के दम पर उन्होंने बेहद कम समय में भारतीय एकादश में स्थायी जगह बना ली।

विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी की यादगार भूमिका

अश्विन 2011 ICC विश्व कप में चैंपियन बनी भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे। इसके दो वर्ष बाद 2013 में एमएस धोनी की कप्तानी में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में भी उन्होंने भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह ऐसे समय में आया जब भारत को एक ऐसे स्पिनर की ज़रूरत थी जो बड़े मंचों पर दबाव में भी सटीकता न खोए।

करियर के आँकड़े: गेंद और बल्ले दोनों में कमाल

अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट चटकाए, जिसमें 37 बार एक पारी में 5 या अधिक विकेट लेने का शानदार कारनामा शामिल है। टेस्ट क्रिकेट में वे सबसे तेज़ 250 और 300 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाज रहे। 116 वनडे मैचों में उन्होंने 156 विकेट लिए, जबकि 65 टी20 इंटरनेशनल में 72 विकेट उनके नाम हैं।

बल्लेबाज़ी में भी अश्विन ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की। टेस्ट में उनके बल्ले से 3,503 रन निकले, जिसमें 6 शतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 707 रन बनाए। गौरतलब है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 500 से अधिक विकेट और 6 शतक — यह संयोग केवल अश्विन के नाम है।

पुरस्कार और सम्मान

भारत सरकार ने अश्विन को 2015 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा। इसके अतिरिक्त उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया। टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार जीतना उनकी श्रेष्ठता और निरंतरता को रेखांकित करता है। अश्विन का यह सफ़र आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस विविधता में है जो उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को दी — कैरम बॉल से लेकर 'दूसरा' तक, उन्होंने बल्लेबाजों को हमेशा अनुमान लगाने पर मजबूर किया। यह ध्यान देने योग्य है कि जिस दौर में भारतीय स्पिनरों की तुलना अनिल कुंबले से होती थी, अश्विन ने अपनी अलग पहचान बनाई — न केवल घरेलू पिचों पर, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में भी। उनका बल्लेबाजी में योगदान अक्सर कम आँका जाता है, जबकि टेस्ट में 3,503 रन और 6 शतक किसी भी निचले क्रम के बल्लेबाज के लिए असाधारण हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो बात चूक जाती है, वह यह है कि अश्विन का करियर एक चोटग्रस्त किशोर की माँ की सलाह से शुरू हुआ था — यह भारतीय खेल-संस्कृति की सबसे मानवीय कहानियों में से एक है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविचंद्रन अश्विन का टेस्ट करियर रिकॉर्ड क्या है?
अश्विन ने भारत के लिए 106 टेस्ट मैचों में 537 विकेट लिए हैं, जिसमें 37 बार एक पारी में 5 या अधिक विकेट शामिल हैं। बल्लेबाजी में उन्होंने टेस्ट में 3,503 रन बनाए, जिसमें 6 शतक हैं।
अश्विन टेस्ट क्रिकेट में क्यों अनोखे हैं?
वे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 500 से अधिक विकेट लेने के साथ-साथ 6 शतक भी लगाए हैं। यह संयोग दुनिया के किसी अन्य क्रिकेटर के नाम नहीं है।
अश्विन ने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का अवॉर्ड कितनी बार जीता?
अश्विन ने भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 11 बार 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड जीता है। यह भारतीय क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक बार यह पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड है।
अश्विन का अंतरराष्ट्रीय करियर कब और कहाँ से शुरू हुआ?
अश्विन ने 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे प्रारूप में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। उसी वर्ष उन्होंने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया और 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पहली बार उतरे।
अश्विन को कौन-कौन से सरकारी पुरस्कार मिले हैं?
भारत सरकार ने अश्विन को 2015 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्हें पद्म श्री से भी नवाजा गया है, जो भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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