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चारधाम यात्रा 2026: उत्तरकाशी में ₹31.32 लाख की लागत से बन रहे 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट

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चारधाम यात्रा 2026: उत्तरकाशी में ₹31.32 लाख की लागत से बन रहे 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट

सारांश

चारधाम यात्रा सिर्फ आस्था का सफर नहीं — अब यह एक बेहतर अनुभव भी होगा। उत्तरकाशी में ₹31.32 लाख की लागत से 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट विकसित हो रहे हैं। 10 स्थल तैयार, बाकी सितंबर अंत तक — हिमालयी दृश्यों को यादगार बनाने की यह पहल स्थानीय रोज़गार और पर्यटन दोनों को मज़बूती देगी।

मुख्य बातें

उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट विकसित करने की परियोजना शुरू की है।
कुल लागत ₹31.32 लाख ; भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में कार्य हो रहे हैं।
14 में से 10 स्थलों पर निर्माण पूर्ण; शेष कार्य सितंबर 2026 अंत तक पूरे होने का लक्ष्य।
प्रमुख स्थलों में हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, हर्षिल, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री यात्रा मार्ग शामिल।
परियोजना से स्थानीय रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और उत्तरकाशी की राष्ट्रीय पर्यटन पहचान मज़बूत होगी।

उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अधिक सुविधाजनक और यादगार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसके तहत प्रमुख यात्रा मार्गों पर ₹31.32 लाख की लागत से 14 सेल्फी प्वाइंट और व्यू प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में पुराने और जर्जर यात्री प्रतीक्षालयों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं में रूपांतरित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत 14 में से 10 स्थलों पर निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।

परियोजना का दायरा और स्थल

लघु सिंचाई विभाग द्वारा क्रियान्वित इस परियोजना के तहत चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम तथा धरासू बैंड से जानकीचट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पुराने प्रतीक्षालयों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। ये स्थल हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और विहंगम दृश्यों के लिए जाने जाते हैं।

परियोजना में शामिल प्रमुख स्थलों में हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम में दो स्थान, यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो स्थान, लाखामंडल यात्रा मार्ग, पुरोला और मोरी सम्मिलित हैं। इन स्थलों पर व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट और पथ-प्रदर्शक स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम और निर्माण की स्थिति

लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मदन मोहन शर्मा के अनुसार, भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में कुल ₹31.32 लाख की लागत से 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 10 स्थलों पर कार्य पूरा हो चुका है।

हीना पार्किंग में सेल्फी प्वाइंट, डबरानी में पथ-प्रदर्शक स्तंभ, पुरोला में व्यू एवं सेल्फी प्वाइंट तथा मोरी में यात्रा मार्ग पुनरुद्धार और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण अंतिम चरण में है। शेष सभी कार्यों को सितंबर 2026 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यात्रियों और स्थानीय समुदाय पर असर

अधिशासी अभियंता शर्मा ने बताया कि इस पहल से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्राम, प्राकृतिक सौंदर्य के अवलोकन और फोटोग्राफी की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। उनके अनुसार, जब यात्री इन प्वाइंट पर आकर फोटो लेंगे तो इसका प्रचार-प्रसार भी तेज़ी से होगा।

गौरतलब है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। पुराने विश्रामालयों के पुनरुद्धार और नए पर्यटन आकर्षणों के विकास से उत्तरकाशी की पर्यटन छवि को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन बुनियादी ढाँचे को नई मज़बूती

यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को विश्वस्तरीय अनुभव बनाने की दिशा में कई स्तरों पर काम कर रही है। यात्रा मार्गों पर पुराने ढाँचे को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं में बदलने की यह कोशिश, बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

शेष चार स्थलों पर निर्माण पूरा होते ही उत्तरकाशी के यात्रा मार्गों पर पर्यटकों को एक सुनियोजित और समृद्ध अनुभव मिलने की उम्मीद है, जो आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊँचाई दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चारधाम यात्रा बुनियादी ढाँचे की वास्तविक खाई को देखते हुए इसका सांकेतिक महत्व अधिक है। सोशल मीडिया के दौर में सेल्फी प्वाइंट वास्तव में एक कम लागत का प्रचार तंत्र बन गए हैं — जो पर्यटन विपणन का एक चतुर उपयोग है। हालाँकि, असली चुनौती रखरखाव की है: उत्तराखंड में अनेक पर्यटन ढाँचे उद्घाटन के बाद उपेक्षित हो जाते हैं। इस परियोजना की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिला प्रशासन निर्माण के बाद भी इन स्थलों की सक्रिय देखभाल सुनिश्चित करता है या नहीं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा मार्ग पर कितने सेल्फी और व्यू प्वाइंट बन रहे हैं?
उत्तरकाशी जिला प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा मार्गों पर कुल 14 सेल्फी प्वाइंट और व्यू प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 10 स्थलों पर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष सितंबर 2026 के अंत तक तैयार होने का लक्ष्य है।
इस परियोजना पर कुल कितना खर्च होगा और इसे कौन क्रियान्वित कर रहा है?
यह परियोजना ₹31.32 लाख की लागत से लघु सिंचाई विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
इन सेल्फी और व्यू प्वाइंट से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इन स्थलों पर यात्रियों को विश्राम, हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य के अवलोकन और फोटोग्राफी की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। साथ ही पथ-प्रदर्शक स्तंभ यात्रा मार्ग पर दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराएंगे।
किन प्रमुख स्थानों पर ये व्यू प्वाइंट बन रहे हैं?
प्रमुख स्थलों में हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम में दो स्थान, यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो स्थान, लाखामंडल, पुरोला और मोरी शामिल हैं।
क्या इस परियोजना से स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा?
हाँ, अधिशासी अभियंता मदन मोहन शर्मा के अनुसार पुराने विश्रामालयों के पुनरुद्धार और नए पर्यटन आकर्षणों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही उत्तरकाशी की पर्यटन छवि को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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