चारधाम यात्रा 2026: उत्तरकाशी में ₹31.32 लाख की लागत से बन रहे 14 सेल्फी और व्यू प्वाइंट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अधिक सुविधाजनक और यादगार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसके तहत प्रमुख यात्रा मार्गों पर ₹31.32 लाख की लागत से 14 सेल्फी प्वाइंट और व्यू प्वाइंट विकसित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में पुराने और जर्जर यात्री प्रतीक्षालयों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं में रूपांतरित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत 14 में से 10 स्थलों पर निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
परियोजना का दायरा और स्थल
लघु सिंचाई विभाग द्वारा क्रियान्वित इस परियोजना के तहत चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम तथा धरासू बैंड से जानकीचट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पुराने प्रतीक्षालयों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। ये स्थल हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और विहंगम दृश्यों के लिए जाने जाते हैं।
परियोजना में शामिल प्रमुख स्थलों में हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम में दो स्थान, यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो स्थान, लाखामंडल यात्रा मार्ग, पुरोला और मोरी सम्मिलित हैं। इन स्थलों पर व्यू प्वाइंट, सेल्फी प्वाइंट और पथ-प्रदर्शक स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम और निर्माण की स्थिति
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मदन मोहन शर्मा के अनुसार, भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी विकासखंडों में कुल ₹31.32 लाख की लागत से 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 10 स्थलों पर कार्य पूरा हो चुका है।
हीना पार्किंग में सेल्फी प्वाइंट, डबरानी में पथ-प्रदर्शक स्तंभ, पुरोला में व्यू एवं सेल्फी प्वाइंट तथा मोरी में यात्रा मार्ग पुनरुद्धार और सेल्फी प्वाइंट का निर्माण अंतिम चरण में है। शेष सभी कार्यों को सितंबर 2026 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यात्रियों और स्थानीय समुदाय पर असर
अधिशासी अभियंता शर्मा ने बताया कि इस पहल से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्राम, प्राकृतिक सौंदर्य के अवलोकन और फोटोग्राफी की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। उनके अनुसार, जब यात्री इन प्वाइंट पर आकर फोटो लेंगे तो इसका प्रचार-प्रसार भी तेज़ी से होगा।
गौरतलब है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। पुराने विश्रामालयों के पुनरुद्धार और नए पर्यटन आकर्षणों के विकास से उत्तरकाशी की पर्यटन छवि को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन बुनियादी ढाँचे को नई मज़बूती
यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को विश्वस्तरीय अनुभव बनाने की दिशा में कई स्तरों पर काम कर रही है। यात्रा मार्गों पर पुराने ढाँचे को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं में बदलने की यह कोशिश, बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
शेष चार स्थलों पर निर्माण पूरा होते ही उत्तरकाशी के यात्रा मार्गों पर पर्यटकों को एक सुनियोजित और समृद्ध अनुभव मिलने की उम्मीद है, जो आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊँचाई दे सकता है।