12 अक्टूबर 2026
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ सातवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, ₹9.06 करोड़ की संपत्ति जब्त

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ सातवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, ₹9.06 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जाँच में ईडी ने एक और बड़ा कदम उठाया है — कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ सातवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट और ₹9.06 करोड़ की संपत्ति जब्ती। कुल जब्त संपत्ति अब ₹610 करोड़ से पार, और 'राजीव भवन' तक पहुँचे कैश के आरोप मामले को नई धार दे रहे हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 9 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), रायपुर में सातवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
8 अक्टूबर 2026 को रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब में स्थित दो फ्लैट, कुल मूल्य ₹9.06 करोड़ , को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जब्त किया गया।
शराब सिंडिकेट ने 2019 से 2023 के बीच ₹2,883 करोड़ से अधिक की अपराध-जनित कमाई की — एक्साइज विभाग और CSMCL पर नियंत्रण के जरिए।
ईडी के अनुसार, ₹860-880 करोड़ का नकद राजीव भवन, शंकर नगर पहुँचाया गया; अग्रवाल के नियंत्रण में ₹72 करोड़ रहे।
अग्रवाल को 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था; इस मामले में अब तक 9 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
नई जब्ती के साथ इस मामले में कुल अटैच/जब्त संपत्ति ₹610.34 करोड़ हो गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 12 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), रायपुर में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। यह शिकायत 9 अक्टूबर 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत दर्ज की गई है। ईडी के अनुसार, इस घोटाले में ₹2,883 करोड़ से अधिक की अपराध-जनित कमाई की पहचान की गई है।

चार्जशीट और संपत्ति जब्ती का ब्यौरा

ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने 8 अक्टूबर 2026 को ₹9.06 करोड़ मूल्य की दो अचल संपत्तियों के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। ये संपत्तियाँ रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब क्षेत्रों में स्थित दो फ्लैट हैं, जो जाँच के दौरान अग्रवाल से जुड़ी पाई गईं।

उल्लेखनीय है कि ईडी इस मामले में पहले एक मुख्य चार्जशीट और छह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट इस मामले में सातवीं ऐसी कार्रवाई है, जो जाँच की व्यापकता को दर्शाती है।

शराब सिंडिकेट का संचालन कैसे हुआ

ईडी की जाँच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)/एसीबी, रायपुर द्वारा अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जाँच में सामने आया कि 2019 से 2023 के बीच एक शराब सिंडिकेट ने एक्साइज डिपार्टमेंट और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) पर नियंत्रण कर लिया था।

यह अवैध कमाई देसी शराब की आपूर्ति, डुप्लिकेट होलोग्राम वाली सरकारी दुकानों से बिना हिसाब की शराब की बिक्री, डिस्टिलर्स से वार्षिक कमीशन और विदेशी शराब के लिए एफएल-10ए लाइसेंस सिस्टम के जरिए अर्जित की गई थी।

अग्रवाल की कथित भूमिका

जाँच के अनुसार, सिंडिकेट का नकद प्रबंधन लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के जरिए होता था। यह राशि कथित तौर पर रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पहुँचाई जाती थी। वहाँ अग्रवाल के अधीन काम करने वाले अकाउंटेंट देवेंद्र दादसेना इस नकदी की हैंडलिंग करते थे।

ईडी के अनुसार, इस चैनल के जरिए शराब घोटाले से जुड़ा लगभग ₹860 से ₹880 करोड़ का नकद प्रवाहित हुआ, जिसमें से लगभग ₹72 करोड़ सीधे अग्रवाल के नियंत्रण में रहे। सिंडिकेट के डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयान इन आरोपों की पुष्टि करते हैं, ऐसा ईडी का कहना है।

अग्रवाल को ईडी ने 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

अब तक की गिरफ्तारियाँ और कुल जब्ती

इस मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी और चैतन्य बघेल सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य ₹601.28 करोड़ था। नई अटैचमेंट के साथ यह आँकड़ा बढ़कर लगभग ₹610.34 करोड़ हो गया है।

गौरतलब है कि यह मामला छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़ा है और राज्य की राजनीति में इसके व्यापक निहितार्थ रहे हैं। आगे की जाँच जारी होने के साथ नए खुलासे और कार्रवाइयाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए पार्टी मुख्यालय को सीधे जोड़ता है। ₹2,883 करोड़ की अपराध-जनित कमाई का आकार बताता है कि यह कोई व्यक्तिगत भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित सिंडिकेट था। असली सवाल यह है कि जब्त ₹610 करोड़ की संपत्ति और कुल आरोपित ₹2,883 करोड़ के बीच का भारी अंतर कहाँ और कैसे खपाया गया — यह जवाब अभी बाकी है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका क्या बताई जा रही है?
ईडी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल, जो कांग्रेस प्रदेश कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष थे, के निर्देश पर शराब सिंडिकेट का नकद रायपुर के राजीव भवन पहुँचाया जाता था। लगभग ₹72 करोड़ सीधे उनके नियंत्रण में रहे और उन्हें 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
ईडी ने किन संपत्तियों को जब्त किया है और उनकी कीमत कितनी है?
ईडी ने 8 अक्टूबर 2026 को रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब में स्थित रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े दो फ्लैटों पर प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। इन दोनों संपत्तियों का कुल मूल्य ₹9.06 करोड़ है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में अब तक कितनी संपत्ति जब्त हो चुकी है?
इस ताज़ा अटैचमेंट से पहले मामले में ₹601.28 करोड़ की संपत्ति जब्त या अटैच की जा चुकी थी। नई कार्रवाई के साथ यह कुल आँकड़ा बढ़कर लगभग ₹610.34 करोड़ हो गया है।
यह घोटाला किस अवधि में हुआ और इसका तरीका क्या था?
जाँच के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच एक शराब सिंडिकेट ने एक्साइज विभाग और CSMCL पर नियंत्रण कर देसी-विदेशी शराब की अवैध बिक्री, डुप्लिकेट होलोग्राम और डिस्टिलर्स से कमीशन के जरिए ₹2,883 करोड़ से अधिक की अपराध-जनित कमाई की। इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में अब तक कितनी चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं?
ईडी इस मामले में अब तक एक मुख्य चार्जशीट और सात सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। नवीनतम सप्लीमेंट्री चार्जशीट रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ 9 अक्टूबर 2026 को स्पेशल पीएमएलए कोर्ट, रायपुर में दाखिल की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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