छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला: ईओडब्ल्यू ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 8 जुलाई 2026 को कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कथित कोयला लेवी घोटाले और कस्टम मिलिंग प्रकरण से जुड़े मामलों में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय से जांच प्रक्रिया से दूर चल रहे थे। विशेष अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया हुआ था। जांच एजेंसी का कहना है कि कोयला लेवी मामले में उनकी कथित भूमिका, विभिन्न व्यक्तियों से संपर्क और वित्तीय लेन-देन के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
डायरी में करोड़ों की एंट्री और कांग्रेस भवन का नाम
जांच एजेंसी उन आरोपों की भी पड़ताल कर रही है जिनमें जब्त की गई एक डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपए की एंट्रियां मिलने का दावा किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, ईओडब्ल्यू यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब और धान से जुड़े मामलों में कथित तौर पर करोड़ों रुपए कांग्रेस भवन तक पहुँचने के जो तथ्य सामने आए हैं, उनमें कितनी सच्चाई है।
पुत्र वैभव अग्रवाल से भी पूछताछ
इससे पहले ईओडब्ल्यू ने पिछले दो दिनों के दौरान रामगोपाल अग्रवाल के पुत्र वैभव अग्रवाल से भी पूछताछ की थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य जानकारियाँ जांच एजेंसी के हाथ लगी हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
व्यापक जांच का हिस्सा
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कथित कोयला लेवी, शराब और कस्टम मिलिंग मामलों की जांच लंबे समय से विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से इन मामलों की जांच में तेजी देखी गई है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को इस बहु-आयामी जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
पूछताछ के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और अन्य तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी। सूत्रों के अनुसार, शराब और धान से जुड़े मामलों में भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ की जाएगी। इस गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल देखी जा सकती है।