क्या छत्तीसगढ़ धान खरीद घोटाले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

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क्या छत्तीसगढ़ धान खरीद घोटाले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

सारांश

छत्तीसगढ़ में धान खरीद घोटाले की जांच में एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि पांच अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। यह मामला जशपुर के तुमला में स्थित कोनपारा धान खरीद सब-सेंटर से जुड़ा है। क्या यह सिर्फ शुरुआत है या मामले की परतें और भी खुलने वाली हैं?

Key Takeaways

  • घोटाला 6.55 करोड़ रुपए का है।
  • एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार हैं।
  • जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश हो रही है।
  • भंडारण में धान की कमी पाई गई।
  • सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

जशपुर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में 6.55 करोड़ रुपए के धान खरीद घोटाले के सिलसिले में पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गड़बड़ी जशपुर जिले के तुमला में कोनपारा धान खरीद सब-सेंटर पर उजागर हुई।

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के नोडल ऑफिसर द्वारा दी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच आरंभ की। इस बैंक को एपेक्स बैंक भी कहा जाता है।

इस मामले में तुमला थाना क्षेत्र के झारमुंडा गांव के निवासी 39 वर्षीय शिशुपाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अन्य पांच संदिग्ध अभी भी फरार हैं। उनकी खोज जारी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है।

यह मामला 2024-25 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान ट्राइबल सर्विस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खरीद ऑपरेशन से जुड़े छह व्यक्तियों से संबंधित है।

रिकॉर्ड के अनुसार, सब-सेंटर पर 1,61,250 क्विंटल धान खरीदा गया था। लेकिन, केवल 1,40,663.12 क्विंटल ही मिलों और भंडारण सुविधाओं में भेजा गया, जिससे 20,586.88 क्विंटल की कमी का पता चला। सरकार के 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के मूल्य के अनुसार, गायब धान की कीमत लगभग 6.38 करोड़ रुपए है।

इसके अतिरिक्त, 17.07 लाख रुपए मूल्य के 4,898 नए और पुराने बोरे भी गायब पाए गए, जिससे कुल वित्तीय नुकसान 6,55,26,979 रुपए तक पहुँच गया। एक संयुक्त जांच टीम ने मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया और रिपोर्ट किए गए धान के स्टॉक के गायब होने की पुष्टि की।

अधिकारियों का मानना है कि शामिल अधिकारियों ने मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर की और अनाज को दूसरी जगह भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपियों में अधिकृत अधिकारी भुवनेश्वर यादव, सोसायटी के प्रबंधक जयप्रकाश साहू, इंचार्ज शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साई, सहायक इंचार्ज अविनाश अवस्थी और उप सहायक इंचार्ज चंद्र कुमार यादव शामिल हैं।

नोडल अधिकारी राम कुमार यादव ने 2 जनवरी को तुमला पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।

जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि धान खरीद में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के संबंध में एपेक्स बैंक की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच जारी है और बाकी आरोपियों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

Point of View

NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

छत्तीसगढ़ धान खरीद घोटाले में कितने आरोपी शामिल हैं?
इस घोटाले में कुल छह आरोपी शामिल हैं, जिनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है और पांच फरार हैं।
घोटाले में आर्थिक नुकसान कितना हुआ है?
घोटाले में कुल आर्थिक नुकसान 6.55 करोड़ रुपए होने का अनुमान लगाया गया है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस और एक संयुक्त जांच टीम द्वारा की जा रही है।
क्या इस घोटाले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है?
हाँ, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की संभावना है।
क्या इस घोटाले में किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता है?
हाँ, इस घोटाले में कई सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है।
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