14 जुलाई 2026
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महासमुंद धान घोटाला: बम्हनी उपार्जन केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत गिरफ्तार, ₹1.16 करोड़ के गबन का आरोप

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महासमुंद धान घोटाला: बम्हनी उपार्जन केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत गिरफ्तार, ₹1.16 करोड़ के गबन का आरोप

सारांश

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में धान उपार्जन केंद्र से ₹1.16 करोड़ के गबन का पर्दाफाश। 3,742 क्विंटल धान गायब मिला, प्रभारी गंगाधर जगत ने जुर्म कबूला और अब जेल में है। किसानों की सरकारी खरीद योजना में सेंध का यह मामला राज्य की सहकारी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

महासमुंद के बम्हनी उपार्जन केंद्र से 3,742 क्विंटल (9,355 कट्टे) मोटा धान गायब पाया गया।
गबन की कुल राशि ₹1 करोड़ 16 लाख 200 रुपए आंकी गई है।
तत्कालीन प्रभारी गंगाधर जगत ने पूछताछ में जुर्म स्वीकार किया; 28 मई 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
प्रशासनिक जांच दल ने 16 मई को भौतिक सत्यापन के दौरान अनियमितताएं उजागर कीं।
शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 27 मई को थाना बसना में दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में धान उपार्जन केंद्र पर ₹1 करोड़ 16 लाख 200 रुपए के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने बम्हनी उपार्जन केंद्र के तत्कालीन प्रभारी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर 28 मई 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी पर किसानों के लिए खरीदे गए धान में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला बम्हनी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी के धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा है। प्रशासनिक जांच दल ने 16 मई को भौतिक सत्यापन किया, जिसमें भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच में पाया गया कि केंद्र में 3,742 क्विंटल यानी 9,355 कट्टे मोटा धान कम था। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर इस धान की कुल कीमत ₹1 करोड़ 16 लाख 200 रुपए आंकी गई है।

शिकायत और जांच की शुरुआत

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 27 मई को थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया और जांच आरंभ की। पूछताछ के दौरान आरोपी गंगाधर जगत ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

किसानों पर असर

यह घोटाला सरकारी धान खरीद योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, जो छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राशि दी जाती है — गबन का यह मामला उसी योजना की धनराशि को प्रभावित करता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी खरीद केंद्रों की पारदर्शिता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

आगे की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और विवेचना जारी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक कोई दूसरी गिरफ्तारी नहीं हुई। कृषक उन्नति योजना जैसी सरकारी खरीद योजनाओं में रियल-टाइम स्टॉक ऑडिट के बिना, ऐसे मामले तब तक सामने नहीं आते जब तक नुकसान करोड़ों में न पहुंच जाए।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महासमुंद धान घोटाला क्या है?
यह छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बम्हनी उपार्जन केंद्र में हुआ ₹1 करोड़ 16 लाख 200 रुपए का गबन मामला है, जिसमें 3,742 क्विंटल किसानों का धान गायब पाया गया। 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच में यह अनियमितता उजागर हुई।
गंगाधर जगत को क्यों गिरफ्तार किया गया?
गंगाधर जगत बम्हनी उपार्जन केंद्र के तत्कालीन प्रभारी थे और पूछताछ में उन्होंने धान के गबन में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर 28 मई 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस घोटाले में किसानों को क्या नुकसान हुआ?
किसानों के लिए सरकारी समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत खरीदे गए 3,742 क्विंटल धान का गबन हुआ, जिसकी कुल कीमत ₹1.16 करोड़ से अधिक है। यह सीधे तौर पर उन किसानों के हितों को प्रभावित करता है जिनके नाम पर यह धान खरीदा गया था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है और विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है। आरोपी गंगाधर जगत न्यायिक हिरासत में हैं और मामला अदालत में चल रहा है।
शिकायत किसने और कहाँ दर्ज कराई?
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 27 मई 2026 को थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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