कोरबा में 11 हाथियों के झुंड का उत्पात, जड़गा रेंज में फसल और संपत्ति तबाह
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की कटघोरा वनमंडल स्थित जड़गा रेंज में 11 हाथियों के एक झुंड ने बासीन सेक्टर के खाड़ीपारा इलाके में जमकर उत्पात मचाते हुए किसानों की फसल और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया। ग्रामीणों के अनुसार, दल अचानक खेतों में घुसा और धान, मक्का व सब्ज़ी की फसलों के साथ-साथ कृषि उपकरणों को भी रौंद डाला। यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की उस लंबी कड़ी में एक और कड़ी है, जो जिले में पिछले कई महीनों से लगातार सामने आ रही है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय किसानों के अनुसार, हाथियों का दल देर रात अचानक खाड़ीपारा के खेतों में दाख़िल हुआ। झुंड ने दो किसानों के खेतों में रखे कृषि उपकरण और छोटी-मोटी संपत्ति भी नष्ट कर दी। उत्पात के बाद हाथी वापस जड़गा के जंगल की ओर लौट गए।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और नुकसान का जायज़ा लेकर प्रभावित किसानों की शिकायत दर्ज की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों किसानों को मुआवज़ा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही राशि जारी की जाएगी। रेंज अधिकारियों के अनुसार, “हाथी प्राकृतिक रूप से भोजन की तलाश में गाँव की ओर आते हैं; जंगल में पानी और भोजन की कमी के कारण यह समस्या बढ़ रही है।”
जड़गा रेंज में हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार, जड़गा रेंज में फ़िलहाल अलग-अलग झुंडों में कुल 45 हाथी मौजूद बताए जा रहे हैं, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और विशेष रूप से रात के समय खेतों में अकेले न जाने की चेतावनी जारी की गई है। पेट्रोलिंग टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं।
आम जनता पर असर
कोरबा के जंगली इलाकों में हाथियों का उत्पात कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ महीनों में कई गाँवों में फसलों को नुकसान पहुँचा है, जिससे किसानों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को हाथियों को जंगल के भीतर ही रोकने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने चाहिए, क्योंकि बार-बार के मुआवज़े उनकी आजीविका की भरपाई नहीं कर पाते।
क्या होगा आगे
वन विभाग की सर्वे रिपोर्ट के बाद मुआवज़ा राशि तय की जाएगी। साथ ही जड़गा रेंज में हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी, ताकि आगे और गाँवों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।