12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का संकट: उत्तम कुमार रेड्डी ने किसानों को दिया आश्वासन, 95% धान मिलों तक पहुँचाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का संकट: उत्तम कुमार रेड्डी ने किसानों को दिया आश्वासन, 95% धान मिलों तक पहुँचाया

सारांश

तेलंगाना में बेमौसम बारिश ने 17 जिलों में 9,214 टन धान को भिगो दिया, लेकिन रात भर चले बचाव अभियान में 95% धान मिलों तक पहुँचाया गया। मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने किसानों को आश्वासन दिया कि हर दाने की खरीद होगी। अब तक 57 लाख टन खरीद और ₹10,096 करोड़ सीधे किसानों के खातों में।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मंत्री एन.
उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को आश्वासन दिया कि बारिश से भीगी धान की पूरी खरीद की जाएगी।
17 जिलों से भीगी धान की शिकायतें आईं; कुल प्रभावित धान लगभग 9,214 टन ।
रात भर चले बचाव अभियान में लगभग 95 प्रतिशत भीगी धान उबले चावल की मिलों तक पहुँचाई गई।
अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक; 57 लाख टन की खरीद पूरी।
MSP के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹10,096 करोड़ जारी।
शेष 9 लाख टन की खरीद बाकी; सिद्दीपेट, नागरकुरनूल, जगतियाल में कटाई जारी।

तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि बेमौसम बारिश से भीगी धान की खरीद पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार ने भीगी धान की सुरक्षा और प्रत्येक खरीद केंद्र तक पहुँचे अनाज की खरीद के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया है।

समीक्षा बैठक और प्रशासनिक सक्रियता

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मंत्रियों, जिला कलेक्टरों, वरिष्ठ नागरिक आपूर्ति अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र भी शामिल रहे।

बैठक का उद्देश्य कई जिलों में धान खरीद को प्रभावित करने वाली अचानक बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति की समीक्षा करना था। सरकार ने जिलावार खरीद लक्ष्य निर्धारित करते हुए दैनिक निगरानी का निर्देश दिया।

मुख्य घटनाक्रम: 17 जिलों में भीगी धान की शिकायतें

बेमौसम बारिश की वजह से 17 जिलों से भीगी धान की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कुल लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुआ। रात भर चले एक बड़े बचाव अभियान में अधिकारियों ने इस भीगे धान का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा उबले हुए चावल की मिलों तक पहुँचाने में सफलता हासिल की, जिससे फसल का बड़ा नुकसान टाला जा सका।

सरकारी मौसम चेतावनी मिलते ही जिला कलेक्टरों, आरडीओ, अतिरिक्त कलेक्टरों, तहसीलदारों और नागरिक आपूर्ति टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। भीगे धान को खरीद केंद्रों से मिलों तक तत्काल पहुँचाने के लिए सुबह से ही वाहन तैनात कर दिए गए थे।

खरीद की स्थिति: ₹10,096 करोड़ सीधे किसानों के खातों में

तेलंगाना में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से लगभग 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे ₹10,096 करोड़ जारी किए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में खरीफ सीजन की धान खरीद अपने अंतिम चरण में है। अभी लगभग 9 लाख टन धान की खरीद शेष है, जबकि 8.1 लाख टन धान उन खेतों से आने की उम्मीद है जहाँ कटाई का काम अभी जारी है — विशेष रूप से सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जैसे जिलों में।

आम जनता और किसानों पर असर

गौरतलब है कि तेलंगाना में धान खरीद की प्रक्रिया लाखों छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी है। बेमौसम बारिश हर साल खरीद सीजन को प्रभावित करती है, लेकिन इस बार प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से बड़े नुकसान को रोका जा सका।

कई जिलों में खरीद का प्रदर्शन संतोषजनक रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी। सरकार की यह सक्रियता किसानों के बीच भरोसा बनाए रखने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

क्या होगा आगे

शेष 9 लाख टन धान की खरीद और सिद्दीपेट, नागरकुरनूल व जगतियाल में जारी कटाई से आने वाली फसल की खरीद प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों की नजर मौसम की स्थिति पर बनी हुई है और जिला स्तर पर दैनिक निगरानी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बेमौसम बारिश हर खरीफ सीजन में खरीद केंद्रों को क्यों अचंभित करती है — जबकि मौसम विभाग की चेतावनियाँ पहले से उपलब्ध होती हैं। 9,214 टन भीगी धान और 17 जिलों में संकट यह दर्शाता है कि खरीद केंद्रों पर छत, तिरपाल और जल निकासी की बुनियादी व्यवस्था अभी भी पर्याप्त नहीं है। 95% बचाव दर राहत की बात है, लेकिन शेष 5% का नुकसान किसानों पर पड़ता है। दीर्घकालिक समाधान के लिए खरीद केंद्रों के बुनियादी ढाँचे में निवेश जरूरी है, आपातकालीन अभियानों पर निर्भरता नहीं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का क्या आश्वासन दिया गया है?
मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को आश्वासन दिया कि खरीद केंद्रों तक पहुँचने वाले हर दाने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने इसके लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय किया है।
कितने जिलों में और कितनी धान भीगी?
बेमौसम बारिश से 17 जिलों में लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुई। रात भर चले बचाव अभियान में इसका करीब 95 प्रतिशत हिस्सा उबले चावल की मिलों तक पहुँचाया गया।
तेलंगाना में अब तक कितनी धान खरीदी गई और किसानों को कितना भुगतान हुआ?
राज्य में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक हुई है, जिसमें से लगभग 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। MSP के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे ₹10,096 करोड़ जारी किए गए हैं।
अभी कितनी धान की खरीद बाकी है और किन जिलों में कटाई जारी है?
लगभग 9 लाख टन धान की खरीद अभी शेष है। इसके अलावा 8.1 लाख टन धान सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जैसे जिलों में जारी कटाई से आने की उम्मीद है।
भीगी धान के बचाव के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
मौसम चेतावनी मिलते ही जिला कलेक्टरों, आरडीओ, तहसीलदारों और नागरिक आपूर्ति टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया। सुबह से ही वाहन तैनात कर भीगे धान को खरीद केंद्रों से मिलों तक पहुँचाया गया और उपमुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए स्थिति की निगरानी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले