तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का संकट: उत्तम कुमार रेड्डी ने किसानों को दिया आश्वासन, 95% धान मिलों तक पहुँचाया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि बेमौसम बारिश से भीगी धान की खरीद पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार ने भीगी धान की सुरक्षा और प्रत्येक खरीद केंद्र तक पहुँचे अनाज की खरीद के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया है।
समीक्षा बैठक और प्रशासनिक सक्रियता
मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मंत्रियों, जिला कलेक्टरों, वरिष्ठ नागरिक आपूर्ति अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र भी शामिल रहे।
बैठक का उद्देश्य कई जिलों में धान खरीद को प्रभावित करने वाली अचानक बारिश और प्रतिकूल मौसम की स्थिति की समीक्षा करना था। सरकार ने जिलावार खरीद लक्ष्य निर्धारित करते हुए दैनिक निगरानी का निर्देश दिया।
मुख्य घटनाक्रम: 17 जिलों में भीगी धान की शिकायतें
बेमौसम बारिश की वजह से 17 जिलों से भीगी धान की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कुल लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुआ। रात भर चले एक बड़े बचाव अभियान में अधिकारियों ने इस भीगे धान का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा उबले हुए चावल की मिलों तक पहुँचाने में सफलता हासिल की, जिससे फसल का बड़ा नुकसान टाला जा सका।
सरकारी मौसम चेतावनी मिलते ही जिला कलेक्टरों, आरडीओ, अतिरिक्त कलेक्टरों, तहसीलदारों और नागरिक आपूर्ति टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। भीगे धान को खरीद केंद्रों से मिलों तक तत्काल पहुँचाने के लिए सुबह से ही वाहन तैनात कर दिए गए थे।
खरीद की स्थिति: ₹10,096 करोड़ सीधे किसानों के खातों में
तेलंगाना में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से लगभग 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे ₹10,096 करोड़ जारी किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में खरीफ सीजन की धान खरीद अपने अंतिम चरण में है। अभी लगभग 9 लाख टन धान की खरीद शेष है, जबकि 8.1 लाख टन धान उन खेतों से आने की उम्मीद है जहाँ कटाई का काम अभी जारी है — विशेष रूप से सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जैसे जिलों में।
आम जनता और किसानों पर असर
गौरतलब है कि तेलंगाना में धान खरीद की प्रक्रिया लाखों छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी है। बेमौसम बारिश हर साल खरीद सीजन को प्रभावित करती है, लेकिन इस बार प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से बड़े नुकसान को रोका जा सका।
कई जिलों में खरीद का प्रदर्शन संतोषजनक रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में बेमौसम बारिश के कारण तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी। सरकार की यह सक्रियता किसानों के बीच भरोसा बनाए रखने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
शेष 9 लाख टन धान की खरीद और सिद्दीपेट, नागरकुरनूल व जगतियाल में जारी कटाई से आने वाली फसल की खरीद प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों की नजर मौसम की स्थिति पर बनी हुई है और जिला स्तर पर दैनिक निगरानी जारी रहेगी।