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तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का आश्वासन, 17 जिलों से 9,214 टन प्रभावित

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तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का आश्वासन, 17 जिलों से 9,214 टन प्रभावित

सारांश

बेमौसम बारिश ने तेलंगाना के 17 जिलों में 9,214 टन धान भिगो दी, लेकिन रात भर चले बचाव अभियान में 95% प्रभावित धान मिलों तक पहुँचाई गई। मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने किसानों को आश्वस्त किया कि हर दाने की खरीद होगी — अब तक 57 लाख टन खरीद और ₹10,096 करोड़ का सीधा भुगतान हो चुका है।

मुख्य बातें

तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन.
उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को बारिश से भीगी धान की खरीद का आश्वासन दिया।
17 जिलों से भीगी धान की शिकायतें आईं; कुल प्रभावित धान लगभग 9,214 टन ।
रात भर चले बचाव अभियान में लगभग 95 प्रतिशत भीगी धान उबले चावल की मिलों तक पहुँचाई गई।
राज्य में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक; 57 लाख टन की खरीद पूरी।
एमएसपी के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों को ₹10,096 करोड़ का सीधा भुगतान।
लगभग 9 लाख टन धान की खरीद अभी शेष; सिद्दीपेट, नागरकुरनूल, जगतियाल में कटाई जारी।

तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि बेमौसम बारिश से भीगी धान की खरीद में कोई बाधा नहीं आएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों तक पहुँचने वाले प्रत्येक दाने की सुरक्षा और खरीद सुनिश्चित करने के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया है।

समीक्षा बैठक और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मंत्रियों, जिला कलेक्टरों, वरिष्ठ नागरिक आपूर्ति अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि कई जिलों में अचानक हुई बारिश और प्रतिकूल मौसम ने धान खरीद कार्यों को प्रभावित किया, जिसके चलते यह आपात समीक्षा बैठक बुलाई गई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र भी उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि खरीद कार्यों की दैनिक निगरानी की जा रही है और जिलावार खरीद लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम: भीगी धान और बचाव अभियान

17 जिलों से बारिश से भीगे धान की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कुल लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुआ। रात भर चले एक व्यापक बचाव अभियान में अधिकारियों ने भीगे हुए लगभग 95 प्रतिशत धान को उबले हुए चावल की मिलों तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की, जिससे बड़े पैमाने पर फसल नुकसान को टाला जा सका।

सरकारी मौसम चेतावनी के बाद जिला कलेक्टरों, आरडीओ, अतिरिक्त कलेक्टरों, तहसीलदारों और नागरिक आपूर्ति टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। भीगे धान के स्टॉक को खरीद केंद्रों से मिलों तक तुरंत स्थानांतरित करने के लिए सुबह से ही वाहन तैनात किए गए थे।

खरीद के आंकड़े और एमएसपी भुगतान

तेलंगाना में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से लगभग 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹10,096 करोड़ जारी किए हैं।

गौरतलब है कि अभी लगभग 9 लाख टन धान की खरीद बाकी है, जबकि 8.1 लाख टन धान उन खेतों से आने की उम्मीद है जहाँ कटाई का काम जारी है — विशेष रूप से सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जिलों में।

आम किसानों पर असर

यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब रबी सीजन की धान कटाई अंतिम चरण में है और हजारों किसान अपनी उपज खरीद केंद्रों तक पहुँचाने की प्रक्रिया में हैं। कई जिलों में अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया गया, लेकिन बेमौसम बारिश ने कुछ क्षेत्रों में खरीद व्यवस्था को चुनौती दी।

प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप ने किसानों की चिंता को काफी हद तक कम किया है। आगे भी मौसम की स्थिति पर नज़र रखते हुए खरीद प्रक्रिया को बाधारहित बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बेमौसम बारिश की चेतावनी मिलने के बाद भी 17 जिलों में 9,214 टन धान खुले में क्यों थी। खरीद केंद्रों पर पर्याप्त ढकाव व्यवस्था की कमी एक पुरानी संरचनात्मक समस्या है जो हर मानसून सीजन में सामने आती है। ₹10,096 करोड़ के सीधे भुगतान का आँकड़ा प्रभावशाली है, पर जब तक खरीद केंद्रों पर बुनियादी ढाँचा नहीं सुधरता, हर बारिश में यही आपातकालीन अभियान दोहराना पड़ेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में बारिश से भीगी धान की खरीद का क्या होगा?
मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि खरीद केंद्रों तक पहुँचने वाली हर भीगी धान की खरीद सरकार करेगी। आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया गया है और भीगी धान को उबले चावल की मिलों में भेजा जा रहा है।
कितने जिलों में और कितनी धान प्रभावित हुई?
17 जिलों से बारिश से भीगे धान की शिकायतें आईं, जिनमें कुल लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुई। रात भर चले बचाव अभियान में इसमें से लगभग 95 प्रतिशत धान मिलों तक पहुँचाई जा चुकी है।
तेलंगाना में इस सीजन धान खरीद के क्या आँकड़े हैं?
राज्य में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक दर्ज हुई है, जिसमें से 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। एमएसपी के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों को ₹10,096 करोड़ का सीधा भुगतान किया गया है।
अभी कितनी धान की खरीद बाकी है और कहाँ?
लगभग 9 लाख टन धान की खरीद अभी शेष है। इसके अलावा 8.1 लाख टन धान सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जैसे जिलों के उन खेतों से आने की उम्मीद है जहाँ कटाई का काम अभी जारी है।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव, नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र, जिला कलेक्टर, वरिष्ठ नागरिक आपूर्ति अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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