तेलंगाना में भीगी धान की खरीद का आश्वासन, 17 जिलों से 9,214 टन प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने 27 मई 2026 को किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि बेमौसम बारिश से भीगी धान की खरीद में कोई बाधा नहीं आएगी। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों तक पहुँचने वाले प्रत्येक दाने की सुरक्षा और खरीद सुनिश्चित करने के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया है।
समीक्षा बैठक और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मंत्रियों, जिला कलेक्टरों, वरिष्ठ नागरिक आपूर्ति अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि कई जिलों में अचानक हुई बारिश और प्रतिकूल मौसम ने धान खरीद कार्यों को प्रभावित किया, जिसके चलते यह आपात समीक्षा बैठक बुलाई गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र भी उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि खरीद कार्यों की दैनिक निगरानी की जा रही है और जिलावार खरीद लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम: भीगी धान और बचाव अभियान
17 जिलों से बारिश से भीगे धान की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कुल लगभग 9,214 टन धान प्रभावित हुआ। रात भर चले एक व्यापक बचाव अभियान में अधिकारियों ने भीगे हुए लगभग 95 प्रतिशत धान को उबले हुए चावल की मिलों तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की, जिससे बड़े पैमाने पर फसल नुकसान को टाला जा सका।
सरकारी मौसम चेतावनी के बाद जिला कलेक्टरों, आरडीओ, अतिरिक्त कलेक्टरों, तहसीलदारों और नागरिक आपूर्ति टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया था। भीगे धान के स्टॉक को खरीद केंद्रों से मिलों तक तुरंत स्थानांतरित करने के लिए सुबह से ही वाहन तैनात किए गए थे।
खरीद के आंकड़े और एमएसपी भुगतान
तेलंगाना में अब तक 66.75 लाख टन धान की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से लगभग 57 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत 8.14 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹10,096 करोड़ जारी किए हैं।
गौरतलब है कि अभी लगभग 9 लाख टन धान की खरीद बाकी है, जबकि 8.1 लाख टन धान उन खेतों से आने की उम्मीद है जहाँ कटाई का काम जारी है — विशेष रूप से सिद्दीपेट, नागरकुरनूल और जगतियाल जिलों में।
आम किसानों पर असर
यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब रबी सीजन की धान कटाई अंतिम चरण में है और हजारों किसान अपनी उपज खरीद केंद्रों तक पहुँचाने की प्रक्रिया में हैं। कई जिलों में अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया गया, लेकिन बेमौसम बारिश ने कुछ क्षेत्रों में खरीद व्यवस्था को चुनौती दी।
प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप ने किसानों की चिंता को काफी हद तक कम किया है। आगे भी मौसम की स्थिति पर नज़र रखते हुए खरीद प्रक्रिया को बाधारहित बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है।