10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धान खरीद में देरी पर बीआरएस नेता हरीश राव की चेतावनी — 2 दिन में तेजी नहीं तो हजारों किसानों संग करेंगे विरोध

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धान खरीद में देरी पर बीआरएस नेता हरीश राव की चेतावनी — 2 दिन में तेजी नहीं तो हजारों किसानों संग करेंगे विरोध

सारांश

तेलंगाना में धान खरीद ठप पड़ी है, किसान दिनों से इंतजार में हैं और सुखाने वाले यार्ड में 10-12 मौतों का दावा किया जा रहा है। बीआरएस नेता हरीश राव ने कांग्रेस सरकार को दो दिन की चेतावनी दी — तेजी नहीं आई तो हजारों किसानों संग सड़क पर उतरेंगे।

मुख्य बातें

हरीश राव ने 25 मई को राज्य सरकार को 2 दिन की चेतावनी दी — धान खरीद तेज करें या बड़े विरोध का सामना करें।
राज्य में इस सीजन 1.40 करोड़ टन धान पैदा हुआ; मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने 90 लाख टन का वादा किया था, अब केवल 70 लाख टन खरीदने की बात कर रहे हैं।
चावल मिल मालिक प्रति बोरी 43 किलोग्राम की शर्त लगा रहे हैं, जिससे किसानों को प्रति एकड़ 150 किलोग्राम का नुकसान हो रहा है।
मेडक जिले के कोलचारम में एक किसान की मौत सड़ते धान के ढेर पर हुई; हरीश राव ने पूरे राज्य में 10-12 किसानों की मौत का दावा किया।
अब तक केवल एक-तिहाई धान की खरीद हुई है; शेष दो-तिहाई खुले यार्ड में पड़ा है।

तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उप नेता टी. हरीश राव ने सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार को दो दिन की सख्त चेतावनी दी — यदि धान खरीद में तत्काल तेजी नहीं लाई गई, तो वे हजारों किसानों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह चेतावनी उन्होंने सिद्दीपेट अर्बन मंडल के एनसानपल्ली गांव स्थित धान खरीद केंद्र का दौरा करने के बाद दी, जहाँ कई दिनों से किसान अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्व मंत्री हरीश राव ने खरीद केंद्र पर किसानों की मुश्किलें सीधे सुनीं और मीडिया के सामने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूरिया आपूर्ति, बिजली और 'रायथु बंधु' राशि वितरण में पहले ही विफल रह चुकी यह सरकार अब धान खरीद में भी पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।

उनके अनुसार, राज्य में इस सीजन 1.40 करोड़ टन धान की पैदावार हुई है। सिविल सप्लाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने पहले 90 लाख टन खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब वे केवल 70 लाख टन खरीदने की बात कर रहे हैं। हरीश राव ने सवाल उठाया कि शेष 70 लाख टन धान क्या किसानों को बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचना होगा?

किसानों पर सीधा असर

हरीश राव ने आरोप लगाया कि चावल मिल मालिक इस समय किसानों को ब्लैकमेल कर रहे हैं — मिलें तब तक धान नहीं उतार रहीं जब तक प्रत्येक बोरी में कम से कम 43 किलोग्राम धान न हो। इसके चलते किसानों को प्रति एकड़ 150 किलोग्राम का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने बताया कि जब यह मामला संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तो अधिकारियों ने किसानों को मिल मालिकों से खुद निपटने की सलाह दे दी। मिट्टापल्ली, नंगनूर और चिन्नकोडुर में किसान सड़कों पर जाम लगा रहे हैं, फिर भी सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सुखाने वाले यार्ड में जानलेवा हालात

हरीश राव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गर्मी के चरम मौसम में भी खरीद का काम ठप पड़ा है और धान सुखाने वाले यार्ड में खुले में पड़ा-पड़ा खराब हो रहा है। उनके अनुसार अब तक केवल एक-तिहाई धान की ही खरीद हो पाई है, जबकि दो-तिहाई अभी भी खुले में पड़ा है।

मेडक जिले के कोलचारम में एक किसान की मौत अपने ही धान के ढेर पर हो गई, जो बारिश से सड़ रहा था। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि पूरे राज्य में इन्हीं यार्डों में अब तक 10 से 12 किसानों की जान जा चुकी है।

सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब पहले केंद्र ने धान खरीदने से इनकार किया था, तब पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ दिल्ली में धरने पर बैठे थे और केंद्र को झुकने पर मजबूर किया था।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सीधे चुनौती दी: 'यदि आपमें हिम्मत है तो दिल्ली जाइए और किसानों के हक के लिए लड़िए — किसानों को बीच मझधार में मत छोड़िए।' उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री और मंत्री एयर-कंडीशंड कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, जबकि किसान खुले आसमान के नीचे तपती धूप में अपनी फसल के साथ बेबस खड़े हैं।

आगे क्या होगा

हरीश राव ने स्पष्ट किया कि यदि दो दिनों के भीतर धान खरीद में तेजी नहीं आई, तो वे हजारों किसानों के साथ मिलकर बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कृषि संकट और किसान आंदोलन लगातार गहराते जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी गौरतलब है कि बीआरएस शासन के दौरान भी किसानों को धान खरीद के लिए संघर्ष करना पड़ा था। असली सवाल यह है कि 1.40 करोड़ टन उत्पादन के बावजूद खरीद का लक्ष्य 70 लाख टन तक क्यों सिकुड़ा — और इसकी जवाबदेही केंद्र पर डालना कितना उचित है जब राज्य सरकार के पास खुद खरीदने का विकल्प मौजूद है। यार्ड में 10-12 मौतों का दावा अगर सत्यापित होता है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर श्रेणी में आता है और केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि न्यायिक जाँच से निपटा जाना चाहिए।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश राव ने तेलंगाना सरकार को क्या चेतावनी दी है?
बीआरएस नेता हरीश राव ने 25 मई को चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर धान खरीद में तेजी नहीं लाई गई, तो वे हजारों किसानों के साथ मिलकर बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। उन्होंने सिद्दीपेट के एनसानपल्ली धान खरीद केंद्र का दौरा कर यह चेतावनी दी।
तेलंगाना में धान खरीद का संकट क्यों है?
राज्य में 1.40 करोड़ टन धान पैदा हुआ है, लेकिन सरकार अब केवल 70 लाख टन खरीदने की बात कर रही है, जबकि पहले 90 लाख टन का वादा था। इसके अलावा चावल मिल मालिक प्रति बोरी 43 किलोग्राम की शर्त लगाकर किसानों को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
धान खरीद में देरी से किसानों को कितना नुकसान हो रहा है?
मिल मालिकों की 43 किलोग्राम प्रति बोरी की शर्त के कारण किसानों को प्रति एकड़ 150 किलोग्राम का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा खुले यार्ड में पड़ा धान बारिश और गर्मी से सड़ रहा है, जिससे मेडक जिले के कोलचारम में एक किसान की मौत भी हुई।
हरीश राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से क्या माँग की?
हरीश राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से दिल्ली जाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने और किसानों के हक के लिए लड़ने की माँग की। उन्होंने केसीआर का उदाहरण दिया जिन्होंने केंद्र के मना करने पर खुद दिल्ली में धरना दिया था।
तेलंगाना में धान यार्ड में कितने किसानों की मौत का दावा किया गया है?
हरीश राव ने दावा किया कि पूरे राज्य में सुखाने वाले यार्ड में अब तक 10 से 12 किसानों की जान जा चुकी है। मेडक जिले के कोलचारम में एक किसान की मौत बारिश से सड़ रहे धान के ढेर पर होने की बात उन्होंने विशेष रूप से उठाई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले