धान खरीद में देरी पर बीआरएस नेता हरीश राव की चेतावनी — 2 दिन में तेजी नहीं तो हजारों किसानों संग करेंगे विरोध
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उप नेता टी. हरीश राव ने सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार को दो दिन की सख्त चेतावनी दी — यदि धान खरीद में तत्काल तेजी नहीं लाई गई, तो वे हजारों किसानों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह चेतावनी उन्होंने सिद्दीपेट अर्बन मंडल के एनसानपल्ली गांव स्थित धान खरीद केंद्र का दौरा करने के बाद दी, जहाँ कई दिनों से किसान अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पूर्व मंत्री हरीश राव ने खरीद केंद्र पर किसानों की मुश्किलें सीधे सुनीं और मीडिया के सामने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूरिया आपूर्ति, बिजली और 'रायथु बंधु' राशि वितरण में पहले ही विफल रह चुकी यह सरकार अब धान खरीद में भी पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
उनके अनुसार, राज्य में इस सीजन 1.40 करोड़ टन धान की पैदावार हुई है। सिविल सप्लाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने पहले 90 लाख टन खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब वे केवल 70 लाख टन खरीदने की बात कर रहे हैं। हरीश राव ने सवाल उठाया कि शेष 70 लाख टन धान क्या किसानों को बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचना होगा?
किसानों पर सीधा असर
हरीश राव ने आरोप लगाया कि चावल मिल मालिक इस समय किसानों को ब्लैकमेल कर रहे हैं — मिलें तब तक धान नहीं उतार रहीं जब तक प्रत्येक बोरी में कम से कम 43 किलोग्राम धान न हो। इसके चलते किसानों को प्रति एकड़ 150 किलोग्राम का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जब यह मामला संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाया गया, तो अधिकारियों ने किसानों को मिल मालिकों से खुद निपटने की सलाह दे दी। मिट्टापल्ली, नंगनूर और चिन्नकोडुर में किसान सड़कों पर जाम लगा रहे हैं, फिर भी सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सुखाने वाले यार्ड में जानलेवा हालात
हरीश राव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गर्मी के चरम मौसम में भी खरीद का काम ठप पड़ा है और धान सुखाने वाले यार्ड में खुले में पड़ा-पड़ा खराब हो रहा है। उनके अनुसार अब तक केवल एक-तिहाई धान की ही खरीद हो पाई है, जबकि दो-तिहाई अभी भी खुले में पड़ा है।
मेडक जिले के कोलचारम में एक किसान की मौत अपने ही धान के ढेर पर हो गई, जो बारिश से सड़ रहा था। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि पूरे राज्य में इन्हीं यार्डों में अब तक 10 से 12 किसानों की जान जा चुकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब पहले केंद्र ने धान खरीदने से इनकार किया था, तब पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ दिल्ली में धरने पर बैठे थे और केंद्र को झुकने पर मजबूर किया था।
उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को सीधे चुनौती दी: 'यदि आपमें हिम्मत है तो दिल्ली जाइए और किसानों के हक के लिए लड़िए — किसानों को बीच मझधार में मत छोड़िए।' उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री और मंत्री एयर-कंडीशंड कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, जबकि किसान खुले आसमान के नीचे तपती धूप में अपनी फसल के साथ बेबस खड़े हैं।
आगे क्या होगा
हरीश राव ने स्पष्ट किया कि यदि दो दिनों के भीतर धान खरीद में तेजी नहीं आई, तो वे हजारों किसानों के साथ मिलकर बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कृषि संकट और किसान आंदोलन लगातार गहराते जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।