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तेलंगाना में धान खरीद: 51 लाख टन खरीद पूरी, मई अंत तक शेष 8.5 लाख टन की उठान के निर्देश

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तेलंगाना में धान खरीद: 51 लाख टन खरीद पूरी, मई अंत तक शेष 8.5 लाख टन की उठान के निर्देश

सारांश

तेलंगाना में इस सीजन 141 लाख टन धान की पैदावार के बीच सरकार ने 51 लाख टन की खरीद पूरी कर ₹8,749 करोड़ किसानों को दिए। नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने मई अंत तक शेष 8.5 लाख टन की उठान और सीमावर्ती जिलों में सख्त चेकिंग के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

तेलंगाना में इस सीजन कुल 141 लाख टन धान की पैदावार; सरकार का लक्ष्य 75 लाख टन MSP पर खरीदना।
अब तक 51 लाख टन धान की खरीद पूरी; किसानों को ₹8,749 करोड़ का भुगतान जारी।
राज्य में 8,575 धान खरीद केंद्र और 21 करोड़ जूट के बोरे उपलब्ध।
खरीद केंद्रों पर 8.5 लाख टन धान उठान का इंतजार कर रहा है; युद्धस्तर पर उठान के निर्देश।
सीमावर्ती जिलों में चेकपॉइंट स्थापित होंगे; धोखाधड़ी करने वाले मिल मालिकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
डिजिटल टैबलेट से तत्काल डेटा दर्ज कर किसानों को तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश।

तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने रविवार, 24 मई 2026 को राज्य के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद की समूची प्रक्रिया मई के अंत तक हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यव्यापी खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह भी कहा कि खरीद केंद्रों पर उठान का इंतजार कर रहे 8.5 लाख टन धान को युद्धस्तर पर उठाया जाए।

मुख्य घटनाक्रम

समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव, जुपल्ली कृष्णा राव, अड्लूरी लक्ष्मण और पोन्नम प्रभाकर शामिल हुए। मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रवींद्र, जिला कलेक्टर, सांसद और विधायक भी इस बैठक का हिस्सा रहे।

मंत्री ने बताया कि इस सीजन में पूरे राज्य में 141 लाख टन धान की पैदावार हुई है। सरकार ने इसमें से 75 लाख टन धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का लक्ष्य रखा है। अब तक 51 लाख टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है और किसानों को MSP के रूप में ₹8,749 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

बुनियादी ढाँचा और तैयारी

राज्य सरकार ने खरीद के लिए 8,575 धान खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। जमीनी स्तर पर 21 करोड़ जूट के बोरे (गनी बैग) उपलब्ध कराए गए हैं। मंत्री ने निर्देश दिया कि खरीदे गए अनाज का विवरण तुरंत डिजिटल टैबलेट में दर्ज किया जाए, ताकि किसानों को नकद भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।

सीमावर्ती जिलों में सख्ती

बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमावर्ती जिलों में चेकपॉइंट स्थापित किए जाएँ, जिससे पड़ोसी राज्यों से धान, ज्वार और मक्का की अनधिकृत आवक को रोका जा सके। साथ ही, चावल मिल मालिकों और बिचौलियों द्वारा किसानों के साथ की जाने वाली किसी भी धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

उपमुख्यमंत्री की अपील और किसान कल्याण

उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में लोडर और मजदूरों की संख्या पर्याप्त स्तर तक बढ़ाई जाए। उन्होंने रेखांकित किया कि पहले किसानों को भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, जबकि अब भुगतान तत्काल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि खेती के कचरे को जलाने वाले किसानों के बीच वायु प्रदूषण रोकथाम के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जाएँ।

अधिकारियों को यह भी कहा गया कि धान खरीद से जुड़ी किसी भी भ्रामक या नकारात्मक खबर का तत्काल खंडन किया जाए और यह तथ्य सक्रिय रूप से प्रचारित किया जाए कि इस सीजन में खरीद रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची है। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसानों का आर्थिक हित सर्वोपरि है और इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा उस 8.5 लाख टन धान की उठान में है जो अभी भी केंद्रों पर अटकी है — मई के केवल कुछ दिन शेष रहते यह दबाव बड़ा है। डिजिटल टैबलेट और तत्काल भुगतान की व्यवस्था सराहनीय कदम है, पर सीमावर्ती जिलों में बाहरी राज्यों के धान की आवक पर नियंत्रण एक पुरानी चुनौती है जो हर सीजन उभरती है। यह देखना होगा कि चेकपॉइंट केवल घोषणा बनकर रहते हैं या जमीन पर वास्तव में लागू होते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में इस सीजन धान खरीद का लक्ष्य क्या है?
तेलंगाना सरकार ने इस सीजन में 75 लाख टन धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का लक्ष्य रखा है। राज्य में कुल 141 लाख टन धान की पैदावार हुई है और अब तक 51 लाख टन की खरीद पूरी हो चुकी है।
किसानों को MSP के रूप में अब तक कितना भुगतान हो चुका है?
अब तक किसानों को MSP के रूप में ₹8,749 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि पहले की तुलना में भुगतान प्रक्रिया अब बहुत तेज हो गई है और किसानों को तुरंत भुगतान किया जा रहा है।
तेलंगाना में कितने धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं?
राज्य भर में 8,575 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर जमीनी स्तर पर 21 करोड़ जूट के बोरे (गनी बैग) भी उपलब्ध कराए गए हैं।
सीमावर्ती जिलों में चेकपॉइंट क्यों लगाए जा रहे हैं?
पड़ोसी राज्यों से धान, ज्वार और मक्का की अनधिकृत आवक रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपॉइंट स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि MSP का लाभ केवल तेलंगाना के किसानों को मिले।
धान खरीद में डिजिटल तकनीक का उपयोग कैसे किया जा रहा है?
नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने निर्देश दिया है कि खरीदे गए अनाज का विवरण तुरंत डिजिटल टैबलेट में दर्ज किया जाए। इससे किसानों को नकद भुगतान में तेजी आएगी और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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