तेलंगाना: प्रीमियम धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देगी सरकार, BPT 5204 और तेलंगाना सोना पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना सरकार ने बुधवार, 17 जून को स्पष्ट किया कि वह राज्य के किसानों को प्रीमियम धान किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत माँग है। डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में आयोजित कैबिनेट उप-समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने की।
बैठक में क्या हुआ
कैबिनेट उप-समिति की इस बैठक में नागरिक आपूर्ति मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव भी शामिल रहे। बैठक में राज्य में कृषि उत्पादन, धान खरीद प्रक्रिया, भंडारण सुविधाओं और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने कहा कि सरकार दोहरे उद्देश्य के साथ काम कर रही है — एक ओर गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराना, और दूसरी ओर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। उन्होंने कहा, 'जन सरकार हमेशा किसानों के समर्थन और उनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।'
किसान आयोग के सुझाव
तेलंगाना राज्य किसान आयोग ने सरकार को सुझाव दिया कि BPT 5204, तेलंगाना सोना, जय श्रीराम और HMT जैसी लाभकारी धान किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती को प्राथमिकता दी जाए। आयोग के अनुसार, इन किस्मों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी माँग है और इनसे किसानों को बेहतर आय मिल सकती है।
आयोग ने यह भी बताया कि इन प्रीमियम किस्मों के लिए पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हैं। आयोग ने सिफारिश की कि गाँवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को इन किस्मों के लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि आने वाले सीजन में अधिकतम किसान इन्हें अपना सकें।
FCI खरीद पर चिंता
किसान आयोग ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा खरीद घटाने से राज्य के किसानों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आयोग के अनुसार, FCI उबले हुए चावल की खरीद नहीं कर रहा है, जिससे किसानों और राइस उद्योग दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आयोग ने कहा कि केंद्र सरकार की मौजूदा नीतियाँ तेलंगाना के किसानों के लिए अतिरिक्त चुनौतियाँ उत्पन्न कर रही हैं।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
बैठक में किसान आयोग के अध्यक्ष एम. कोडंडा रेड्डी, सीड कॉरपोरेशन अध्यक्ष अन्वेश रेड्डी, नागरिक आपूर्ति आयुक्त स्टीफन रविंद्र, नेशनल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र रेड्डी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना की कृषि अर्थव्यवस्था को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बनाने की माँग बढ़ रही है। प्रीमियम किस्मों को बढ़ावा देने की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने का अवसर है, बल्कि राज्य के चावल निर्यात को भी मजबूती दे सकती है — बशर्ते FCI खरीद नीति और केंद्र-राज्य समन्वय के मुद्दे शीघ्र सुलझाए जाएँ।