तेलंगाना में अनाज खरीद संकट: भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरा, किसान 10 दिन से कतार में
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भाजपा के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने सोमवार, 26 मई 2025 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर किसानों से अनाज खरीद में घोर विफलता का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। भाजपा ने 'रायथु गोसा - भाजपा भरोसा' (किसानों की परेशानी, भाजपा का भरोसा) शीर्षक से तीन दिवसीय अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत विधायक, एमएलसी और सांसद राज्यभर के खरीद केंद्रों का दौरा कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा नेताओं ने विकाराबाद और मेडक जिलों के खरीद केंद्रों का दौरा किया और किसानों से सीधी बातचीत की। परिगी कृषि खरीद केंद्र तथा कुलकचेरला (विकाराबाद जिला) में किसानों ने अपनी पीड़ा साझा की। रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि छह महीने की कड़ी मेहनत से फसल उगाने वाले किसान अब अपनी उपज बेचने के लिए खरीद केंद्रों पर हफ्तों तक लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं।
खरीद केंद्रों पर बदहाली
भाजपा नेताओं के अनुसार, राज्यभर के खरीद केंद्रों पर कटी हुई धान और मक्का की फसल का ढेर लगा हुआ है। तिरपाल, बोरी और बुनियादी ढाँचे की भारी कमी के कारण किसानों की उपज बिना बिके खुले में पड़ी है। कथित तौर पर किसान लगातार 10 दिनों तक इस चिंता में इंतज़ार करने को विवश हैं कि ट्रक कब आएंगे और उनकी फसल कब खरीदी जाएगी।
रामचंद्र राव ने दावा किया कि भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के मुख्य सचिव से मुलाकात कर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि खरीद केंद्रों पर उचित व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। भाजपा का आरोप है कि इस चेतावनी के बावजूद कांग्रेस सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सरकारी तंत्र पर आरोप
भाजपा नेताओं ने एक गंभीर आरोप यह भी लगाया कि जैसे ही सरकारी तंत्र को पता चला कि भाजपा के जनप्रतिनिधि खरीद केंद्रों का दौरा करेंगे, वह तुरंत हरकत में आ गया। किसानों ने कथित तौर पर बताया कि सुबह 4 बजे ही ट्रैक्टरों पर बोरियाँ मंगवाई गईं और अनाज भरकर चावल मिलों में भेजने का दबाव डाला गया — जो दर्शाता है कि व्यवस्था तभी सक्रिय हुई जब राजनीतिक दबाव बना।
आम किसान पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में रबी फसल की कटाई का मौसम चल रहा है और किसान अपनी उपज बेचकर अगली फसल की तैयारी करना चाहते हैं। गौरतलब है कि खरीद में देरी से न केवल किसानों की नकदी प्रवाह प्रभावित होती है, बल्कि खुले में रखी फसल के खराब होने का भी जोखिम बना रहता है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की न्यूनतम अग्रिम योजना के अभाव और समय पर अनाज संग्रहण में विफलता के कारण पूरी खरीद प्रक्रिया अस्त-व्यस्त हो गई है।
आगे क्या
भाजपा का तीन दिवसीय 'रायथु गोसा' अभियान जारी रहेगा, जिसमें पार्टी के विधायक, एमएलसी और सांसद राज्यभर के खरीद केंद्रों का दौरा कर किसानों की समस्याएँ दर्ज करेंगे। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन की राह पकड़ सकती है। कांग्रेस सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।