वेलिगोंडा परियोजना: मंत्री निम्मला रामनायडू ने सुरंग के अंदर 19 किमी तक रात्रि निरीक्षण, फंसी TBM पर जताई चिंता
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के जल संसाधन मंत्री निम्मला रामनायडू ने 6 मई 2026 को देर रात मार्कपुरम ज़िले के दोरनाला क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित वेलिगोंडा परियोजना की सुरंग के भीतर लगभग 19 किलोमीटर तक जाकर निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण किया। यह दौरा परियोजना की गति, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया, जो दिन और रात दोनों पालियों में जारी है।
निरीक्षण का विवरण
मंत्री निम्मला रामनायडू ने सुरंग के भीतर पाँच गैंट्रियों की सहायता से चल रहे लाइनिंग और बेंचिंग कार्यों का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित मज़दूरों से सीधी बातचीत कर उनकी कार्य परिस्थितियों और हालचाल की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार मंत्री के इस दौरे से मज़दूरों का मनोबल उल्लेखनीय रूप से बढ़ा।
फंसी टनल बोरिंग मशीन पर गंभीर चिंता
निरीक्षण के दौरान मंत्री सुरंग-2 में 12वें किलोमीटर तक पहुँचे, जहाँ एक टनल बोरिंग मशीन (TBM) फंसी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार के कार्यकाल में इस मशीन को निकालने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि TBM को शीघ्र नहीं हटाया गया, तो सुरंग से पानी की एक बूंद भी बाहर नहीं निकल पाएगी, जिससे पूरी परियोजना गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
पूर्व सरकार पर आरोप
मंत्री निम्मला ने आरोप लगाया कि ₹3,000 करोड़ के महत्वपूर्ण कार्य अभी भी अधूरे हैं। इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने वेलिगोंडा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित कर दिया, जिसे उन्होंने प्रकाशम जिले के किसानों के साथ धोखे के समान बताया। गौरतलब है कि यह परियोजना दशकों से लंबित है और इस क्षेत्र के किसानों की सिंचाई ज़रूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सुरक्षा निर्देश और प्रतिबद्धता
मंत्री ने उन स्थानों का भी विशेष निरीक्षण किया जहाँ चट्टानें गिरने का खतरा है और नरम चट्टानें मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सावधानी और सुरक्षा उपायों के साथ कार्य को आगे बढ़ाएं। उल्लेखनीय है कि निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सुरंग-2 के भीतर ही अधिकारियों और मज़दूरों के साथ दोपहर का भोजन किया, जो उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। वर्तमान सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का संकल्प दोहराया है।