बलरामपुर में पानी टैंकर ने ली 7 वर्षीय शुभम की जान, NH-343 तीन घंटे जाम
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 5 में शनिवार, 20 जून की दोपहर नगर पालिका के पानी टैंकर की चपेट में आने से 7 वर्षीय शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद भड़के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बालक का शव सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।
हादसे का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, स्वीपर मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 5 में दोपहर लगभग 1 बजकर 30 मिनट पर नगर पालिका का पेयजल वितरण टैंकर पहुँचा था। इसी दौरान वहाँ खेल रहे शुभम (7 वर्ष) टैंकर की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे।
सड़क जाम और परिजनों का आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी तथा थाना प्रभारी सहित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रारंभ में बात नहीं बन सकी। शाम करीब 4 बजे परिजन बालक के शव को चांदनी चौक और फिर रंगीला चौक ले गए, जहाँ शव को सड़क पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर चक्काजाम कर दिया गया।
जाम के कारण झारखंड से छत्तीसगढ़ आने-जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रिंग रोड से गुज़रने वाले भारी वाहन और ट्रक भी प्रभावित हुए। भीषण गर्मी में यात्री और वाहन चालक करीब तीन घंटे तक परेशान रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
रामानुजगंज के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) आनंदराम नेताम ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और शासन-प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि परिजनों की प्रमुख माँग थी कि परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी दी जाए, और इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नियमित नियुक्ति का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा, लेकिन तत्काल राहत के तौर पर नगर पालिका में परिवार के एक सदस्य को प्लेसमेंट के माध्यम से रोज़गार देने पर सहमति बनी। इसके बाद जाम समाप्त हुआ।
पोस्टमार्टम और जाँच
जाम समाप्त होने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। शाम हो जाने के कारण शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका और रविवार, 21 जून को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी किए जाने की बात कही गई। रामानुजगंज पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुट गई है।
यह घटना उन तमाम सवालों को फिर से सामने लाती है जो नगरीय निकायों में वाहन संचालन की सुरक्षा और घनी आबादी वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर उठते रहे हैं। आगे की कार्रवाई और परिवार को मिलने वाली राहत पर सबकी निगाहें टिकी हैं।