चीन-अमेरिका '5 वर्षों में 50,000 युवा' पहल: ढाई साल पहले ही लक्ष्य हासिल, शी चिनफिंग ने छात्रों को दिया जवाब
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 29 मई 2025 को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 'चीन-अमेरिका युवाओं के बीच मैत्री की साझा यात्रा' कार्यक्रम में भाग ले रहे दोनों देशों के छात्रों के पत्र का जवाब दिया है। इस जवाब में राष्ट्रपति शी ने पुष्टि की कि नवंबर 2023 में प्रस्तावित '5 वर्षों में 50,000 अमेरिकी युवाओं' को चीन आमंत्रित करने की पहल अपने निर्धारित समय से ढाई वर्ष पहले ही अपना लक्ष्य पूरा कर चुकी है।
पहल की पृष्ठभूमि और उपलब्धि
यह पहल नवंबर 2023 में राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित की गई थी, जिसके तहत पाँच वर्षों में 50,000 अमेरिकी युवाओं को चीन में आदान-प्रदान और अध्ययन के लिए आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया था। अब, निर्धारित समयसीमा से काफी पहले ही 50,000 से अधिक अमेरिकी युवा चीन का दौरा कर चुके हैं। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब चीन-अमेरिका संबंधों में कूटनीतिक तनाव के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को दोनों पक्षों द्वारा संबंध सुधार का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति शी का युवाओं को संदेश
प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने जवाब में युवाओं को 'सबसे ऊर्जावान और सपनों से भरपूर' बताया। उन्होंने कहा कि युवा ही विश्व और चीन-अमेरिका संबंधों का भविष्य और आशा हैं। राष्ट्रपति शी ने दोनों देशों के युवाओं से आग्रह किया कि वे मित्रता की मशाल थामें, एक-दूसरे से सीखें और साथ मिलकर प्रगति करें।
आदान-प्रदान का व्यापक उद्देश्य
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन आदान-प्रदानों के ज़रिये दोनों देशों के युवाओं ने आपसी समझ को गहरा किया है और गहरी मित्रता स्थापित की है। मंत्रालय ने इसे 'दोनों देशों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान में एक नया अध्याय' करार दिया। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है जब व्यापार और तकनीकी विवादों के कारण दोनों देशों के आधिकारिक संबंध दबाव में हैं।
प्रशांत क्षेत्र में 'मित्रता के राजदूत'
माओ निंग ने कहा कि चीन अधिक से अधिक युवाओं को प्रशांत क्षेत्र में 'मित्रता के राजदूत' बनते देखना चाहता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह युवा-केंद्रित जुड़ाव चीन-अमेरिका संबंधों के 'स्थिर, स्वस्थ और सतत विकास' में नए योगदान देगा। आने वाले वर्षों में इस पहल के और विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।