चीन का ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों की शिक्षा में सुधार पर ध्यान
सारांश
Key Takeaways
- चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में ऑटिज्म शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- 17 विशेष शिक्षा विद्यालयों की स्थापना की गई है।
- राष्ट्रीय विशेष शिक्षा संसाधन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाई गई है।
- प्री-स्कूल से लेकर हाई स्कूल तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था है।
बीजिंग, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 19वां विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस आज मनाया गया। इस मौके पर चीनी शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि वह विशेष शिक्षा के विकास और सुधार के तहत "15वीं पंचवर्षीय योजना" को लागू करने में जुटा है। इस योजना में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए शिक्षा और देखभाल सेवाओं की प्रणाली में सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही, उनकी शिक्षा की प्रभावशीलता को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे भी अन्य बच्चों के समान एक उज्ज्वल भविष्य पा सकें।
पिछले कुछ वर्षों में, चीनी शिक्षा मंत्रालय ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों की शिक्षा को विशेष शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। इस दौरान उनकी शिक्षा में मौजूद चुनौतियों और कमियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, ताकि इन "सितारों के बच्चों" का भविष्य और बेहतर बनाया जा सके।
साल 2014 से मंत्रालय ने विशेष शिक्षा सुधार योजनाओं को लागू करने में निरंतरता दिखाई है। इन योजनाओं के तहत ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को विशेष शिक्षा के दायरे में लाया गया है और उनकी शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब तक देशभर में ऐसे बच्चों के लिए 17 विशेष शिक्षा विद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, मंत्रालय ने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए राष्ट्रीय विशेष शिक्षा संसाधन केंद्र और विशेष शिक्षा के लिए राष्ट्रीय डिजिटल संसाधन केंद्र भी स्थापित किए हैं। साथ ही, राष्ट्रीय, प्रांतीय, नगरपालिका, काउंटी और विद्यालय स्तर पर पांच-स्तरीय ऑटिज्म शिक्षा मार्गदर्शन प्रणाली विकसित की गई है। यह प्रणाली ऑटिज्म शिक्षा से जुड़े अनुसंधान और पाठ्यक्रम विकास में निरंतर प्रगति को बढ़ावा दे रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने विशेष शिक्षा के क्षेत्र में अपने निवेश को लगातार बढ़ाया है। विशेष शिक्षा के लिए सार्वजनिक निधि का मानक प्रति छात्र प्रति वर्ष 7,000 युआन कर दिया गया है, जिससे ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्री-स्कूल से लेकर हाई स्कूल तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक चिंताओं से राहत मिल रही है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)