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चीन का आयात 2025 में नए रिकॉर्ड स्तर पर, जनवरी-अगस्त में 22% की वृद्धि

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चीन का आयात 2025 में नए रिकॉर्ड स्तर पर, जनवरी-अगस्त में 22% की वृद्धि

सारांश

चीन के वाणिज्य सहायक मंत्री चांग ली ने बताया कि जनवरी-अगस्त 2025 में आयात 22% बढ़ा — 2021 के बाद सबसे तेज़ रफ्तार। WTO के अनुसार, चीन ने पहली तिमाही में वैश्विक व्यापार वृद्धि में 20.3% का योगदान दिया। पूरे साल आयात नए रिकॉर्ड पर पहुँचने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

चीन के वाणिज्य सहायक मंत्री चांग ली ने बताया कि जनवरी-अगस्त 2025 में चीन के आयात में 22% की वृद्धि हुई।
यह वर्ष 2021 के बाद चीन की सबसे तेज़ आयात वृद्धि दर है।
WTO के आंकड़ों के अनुसार, चीन ने पहली तिमाही में वैश्विक व्यापार वृद्धि में 2.1 प्रतिशत अंकों का योगदान दिया, जो कुल वैश्विक वृद्धि का 20.3% है।
पूरे वर्ष 2025 में चीन का कुल आयात मूल्य नए ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है।
चीन ने विकासशील देशों को विनिर्माण उपकरण और औद्योगिक उत्पाद उपलब्ध कराकर उनके औद्योगीकरण में सहयोग का दावा किया।

चीन के वाणिज्य सहायक मंत्री चांग ली ने 19 सितंबर 2026 को बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि जनवरी से अगस्त 2025 के बीच चीन के आयात में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है — जो वर्ष 2021 के बाद सबसे तेज़ वृद्धि है। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष के अंत तक चीन का कुल आयात मूल्य नए ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चीनी राज्य परिषद के सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित की गई थी।

वैश्विक व्यापार में चीन का योगदान

विश्व व्यापार संगठन (WTO) द्वारा जुलाई में जारी पहली तिमाही के वैश्विक व्यापार आंकड़ों के अनुसार, चीन ने वैश्विक व्यापार वृद्धि में 2.1 प्रतिशत अंकों का योगदान दिया, जो कुल वैश्विक व्यापार वृद्धि का 20.3 प्रतिशत है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, चीन वस्तुओं के व्यापार में दुनिया का सबसे बड़ा देश बना हुआ है और वैश्विक व्यापार वृद्धि को निरंतर गति दे रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियों का दबाव बना हुआ है। इन परिस्थितियों में चीन का आयात में यह तेज़ उछाल उसकी घरेलू मांग और बाज़ार-विस्तार नीतियों की क्षमता को दर्शाता है।

औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और विकासशील देशों पर असर

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि चीन के पास एक संपूर्ण औद्योगिक व्यवस्था और मज़बूत सहायक उद्योग हैं। इसके चलते चीन विभिन्न देशों — खासकर विकासशील देशों — को विनिर्माण उपकरण और अन्य औद्योगिक उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इससे इन देशों को अपनी वास्तविक अर्थव्यवस्था विकसित करने, औद्योगीकरण का स्तर बढ़ाने और वैश्विक औद्योगिक एवं आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने में सहायता मिली है।

गौरतलब है कि चीन ने आयात बढ़ाने के लिए 'नीति और गतिविधियों' का दोहरा तरीका अपनाया है, जिससे उसके विशाल बाज़ार के अवसर विश्व भर की कंपनियों तक पहुँच रहे हैं। वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं के स्थिर संचालन को भी इस रणनीति से समर्थन मिला है।

वैश्विक कंपनियों को लाभ

चांग ली ने कहा कि बड़ी संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले वैश्विक उत्पाद चीनी उपभोक्ता बाज़ार में प्रवेश कर रहे हैं और चीन की औद्योगिक तथा आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, इससे विभिन्न देशों की कंपनियों को अधिक ऑर्डर मिल रहे हैं, संबंधित उद्योगों का विकास हो रहा है और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

यह भारत सहित उन देशों के लिए भी महत्त्वपूर्ण संकेत है जो चीन के साथ व्यापार संतुलन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि चीन की आयात वृद्धि के दावों का मूल्यांकन व्यापार घाटे के आंकड़ों के संदर्भ में किया जाना चाहिए।

आगे की दिशा

वाणिज्य सहायक मंत्री के अनुसार, पूरे वर्ष 2025 में चीन का कुल आयात मूल्य रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचने की उम्मीद है, जो वैश्विक निर्यातकों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। चीन की यह नीतिगत दिशा आने वाले महीनों में वैश्विक व्यापार के परिदृश्य को महत्त्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक इसे स्वतंत्र WTO या IMF डेटा से सत्यापित न किया जाए, इसे संदर्भ के साथ पढ़ना ज़रूरी है। इसके साथ ही, भारत जैसे देशों के साथ चीन का व्यापार घाटा लगातार चिंता का विषय बना हुआ है — केवल आयात के आंकड़े बढ़ने से व्यापार असंतुलन की तस्वीर नहीं बदलती। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन की केंद्रीय भूमिका निर्विवाद है, लेकिन इस पर निर्भरता के जोखिम भी उतने ही वास्तविक हैं।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के आयात में 2025 में कितनी वृद्धि हुई?
जनवरी से अगस्त 2025 के बीच चीन के आयात में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2021 के बाद सबसे तेज़ वृद्धि है। वाणिज्य सहायक मंत्री चांग ली के अनुसार, पूरे साल का आयात मूल्य नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने की उम्मीद है।
WTO के अनुसार वैश्विक व्यापार में चीन की हिस्सेदारी कितनी है?
WTO द्वारा जुलाई में जारी पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, चीन ने वैश्विक व्यापार वृद्धि में 2.1 प्रतिशत अंकों का योगदान दिया, जो कुल वैश्विक व्यापार वृद्धि का 20.3 प्रतिशत है।
चीन का आयात बढ़ने से विकासशील देशों पर क्या असर होगा?
चीनी अधिकारियों के अनुसार, इससे विकासशील देशों की कंपनियों को अधिक ऑर्डर मिल रहे हैं और स्थानीय रोज़गार बढ़ रहे हैं। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि चीन के साथ व्यापार असंतुलन की चुनौती बनी रहती है।
चीन ने आयात बढ़ाने के लिए क्या रणनीति अपनाई है?
चीन ने 'नीति और गतिविधियों' का दोहरा तरीका अपनाया है, जिसमें आयात-अनुकूल नीतियाँ और विशेष व्यापार कार्यक्रम शामिल हैं। इससे विश्व भर की कंपनियों को चीन के विशाल उपभोक्ता बाज़ार तक पहुँच मिल रही है।
चीन के इस आयात रिकॉर्ड का भारत पर क्या प्रभाव हो सकता है?
भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा पहले से ही बड़ी चिंता का विषय है। चीन का बढ़ता आयात भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर खोल सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके साथ चीनी माल की भारी आमद का जोखिम भी बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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