चीन का आयात 2025 की पहली छमाही में 100 खरब युआन पार, 150+ देशों से वस्तुएं पहुंच रहीं
सारांश
मुख्य बातें
चीन के विशाल बाजार ने 2025 के पहले सात महीनों में वैश्विक वस्तुओं की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है — इस दौरान आयात की रफ्तार निर्यात से आगे रही। बीजिंग के आँकड़ों के अनुसार, दुनिया भर से उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद, उपभोक्ता सामग्री और औद्योगिक वस्तुएं तेज़ी से चीनी बाजार में प्रवेश कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
आयात के प्रमुख आँकड़े
चीन लगातार 17 वर्षों से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आयात बाजार बना हुआ है। 2025 की पहली छमाही में चीन का कुल आयात पहली बार 100 खरब युआन की सीमा पार कर गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 22.1 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान में 150 से अधिक देशों और क्षेत्रों की वस्तुएं चीनी बाजार में सफलतापूर्वक पहुंच रही हैं।
गौरतलब है कि चीन अभी 63 देशों पर शून्य शुल्क नीति लागू कर रहा है — एक ऐसा कदम जिसे व्यापार विशेषज्ञ आयात उदारीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ह यातोंग ने 20 अगस्त को कहा कि आयात बढ़ाने के लिए अपनाई गई सक्रिय नीतियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और एकतरफा उदारीकरण नीतियों का लगातार विस्तार देश की आयात क्षमता को मज़बूत कर रहा है।
अफ्रीका और कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
आँकड़ों के अनुसार, मई से जून 2025 के बीच अफ्रीका से चीन के आयात में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 23.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कृषि उत्पादों में सेब के आयात में 89.6 प्रतिशत और संतरे के आयात में 27.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई — जो चीनी उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
वैश्विक व्यापार पर असर
चीन के 150 से अधिक व्यापारिक साझेदारों से आयात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। यह प्रवृत्ति चीन को उन देशों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती है जो अपने निर्यात बाजार को विविध करना चाहते हैं। भारत सहित एशियाई देशों के लिए यह संकेत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं की माँग में वृद्धि नए व्यापार अवसर खोल सकती है।
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की शून्य शुल्क नीति और उदारीकरण का दायरा आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, यह आँकड़े वैश्विक व्यापार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।