राहुल गांधी के इंदौर भाषण पर 'झूठ की गूंज' का फैक्ट-चेक, भाजपा के विनोद तावड़े ने भी किया पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर जो दावे किए, उन्हें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सक्रिय हैंडल 'झूठ की गूंज' ने 19 सितंबर 2026 को अपने फैक्ट-चेक पोस्ट के ज़रिए गलत बताया है। इसी मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला।
राहुल गांधी का दावा और फैक्ट-चेक के मुख्य बिंदु
राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि पिछले आठ वर्षों में एमपीपीएससी की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में 13 प्रतिशत पद रोक दिए गए, जिससे 4.87 लाख पद लंबित पड़े हैं। 'झूठ की गूंज' हैंडल ने इस दावे को अपनी पोस्ट में 'झूठा' करार दिया।
पोस्ट के अनुसार, 87:13 का फॉर्मूला पिछले आठ वर्षों से नहीं, बल्कि 29 सितंबर 2022 को मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग का परिपत्र जारी होने के बाद से लागू है। इसलिए यह आठ वर्षों की सभी भर्ती प्रक्रियाओं पर लागू नहीं हो सकता।
विवाद की पृष्ठभूमि
फैक्ट-चेक पोस्ट के दावों के अनुसार, यह विवाद 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसके चलते मामला न्यायालय तक पहुँचा। पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि भर्ती पूरी तरह नहीं रोकी गई थी — 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियाँ जारी रहीं और शेष 13 प्रतिशत पदों के लिए अंतरिम सूची तैयार की गई, ताकि अदालत के अंतिम निर्णय के अनुसार नियुक्तियाँ की जा सकें।
पोस्ट में आगे दावा किया गया कि जनवरी 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर 87:13 फॉर्मूले को बरकरार रखा था। इस व्यवस्था से प्रभावित पदों की संख्या लगभग 10 हज़ार बताई गई, न कि राहुल गांधी के दावे के अनुसार 4.87 लाख एमपीपीएससी पद।
विनोद तावड़े का पलटवार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा — 'झूठ की गूंज के सामने राष्ट्रवाद की विजय।' तावड़े ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की तीन सीटों पर हुई जीत को इस 'विजय' से जोड़ते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
तावड़े ने यह भी दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों में एबीवीपी ने सभी पैनलों पर 'क्लीन स्वीप' करते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि एबीवीपी कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित में काम करते रहेंगे।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
'झूठ की गूंज' के फैक्ट-चेक दावों और भाजपा के हमले पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है और बेरोज़गार युवाओं की माँगें विपक्ष के लिए एक प्रमुख हथियार रही हैं।
यह मामला स्पष्ट करता है कि सोशल मीडिया पर फैक्ट-चेक के दावों और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच की रेखा तेज़ी से धुंधली हो रही है — और ऐसे दावों की स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक है।