चीन राष्ट्रीय दिवस 2026: 77वीं वर्षगांठ पर दुनिया भर में सत्कार समारोह, कई देशों ने जताया सहयोग का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 77वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 1 अक्टूबर 2026 को विश्व भर में स्थित चीनी दूतावासों और कौंसुलेटों ने विशेष सत्कार समारोह आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले अनेक देशों के राजनयिकों और मंत्रियों ने चीन की विकास यात्रा की प्रशंसा की और बीजिंग के साथ द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य घटनाक्रम
डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) की सर्वोच्च जन सभा की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष किम ह्युंग-सिक ने समारोह में कहा कि पिछले 77 वर्षों में मेहनती और साहसी चीनी जनता ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की असाधारण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। उन्होंने जोड़ा कि डीपीआरके दोनों देशों के साझा हितों को ध्यान में रखते हुए चीन के साथ मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय साझेदारी को निरंतर आगे बढ़ाना चाहता है।
इसी कड़ी में श्रीलंका के बंदरगाह, नागरिक उड्डयन एवं ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलक ने 'चीनी शैली के आधुनिकीकरण' में हुई प्रगति और श्रीलंका-चीन सहयोग की सराहना करते हुए लंबे समय से मिले समर्थन के लिए बीजिंग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीलंका 'एक-चीन नीति' पर अडिग है और विभिन्न क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग को और सुदृढ़ करने का इरादा रखता है।
अन्य देशों की भागीदारी
म्यांमार के उप राष्ट्रपति, इटली के उप प्रधानमंत्री और जिम्बाब्वे के उच्च शिक्षा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास मंत्री सहित कई देशों के वरिष्ठ राजनयिकों ने इन समारोहों में शिरकत की। सभी ने चीन की विकास उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए द्विपक्षीय सहयोग विस्तार की इच्छा जताई।
राष्ट्रीय दिवस का महत्व
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 1949 को माओ त्से-तुंग ने चीन लोक गणराज्य की स्थापना की घोषणा की थी। तब से हर वर्ष यह तारीख चीन का राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक स्तर पर अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को और विस्तृत करने में जुटा है तथा विकासशील देशों के साथ आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारियाँ मजबूत कर रहा है।
आपसी सहयोग पर जोर
समारोहों में भाग लेने वाले राजनयिकों ने सामूहिक रूप से व्यापार, बुनियादी ढाँचे और तकनीकी विनिमय के क्षेत्रों में चीन के साथ संबंध और प्रगाढ़ करने की बात कही। विशेषज्ञों के अनुसार, ये समारोह महज औपचारिकता नहीं, बल्कि चीन की 'पब्लिक डिप्लोमेसी' रणनीति का एक अहम हिस्सा हैं जिसके तहत वह अपनी वैश्विक छवि को आकार देता है।
आगे की दिशा
चीन के इस राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर व्यक्त संकल्प आने वाले महीनों में कई द्विपक्षीय बैठकों और समझौतों की भूमिका तैयार कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि श्रीलंका और डीपीआरके के बयान विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, क्योंकि दोनों देश अपने-अपने कारणों से बीजिंग के साथ संबंध और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।