10 अक्टूबर 2026
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चीन ने नई गुणवत्ता उत्पादक शक्ति पर दिशानिर्देश जारी किए, 19 अहम कदमों की रूपरेखा तय

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चीन ने नई गुणवत्ता उत्पादक शक्ति पर दिशानिर्देश जारी किए, 19 अहम कदमों की रूपरेखा तय

सारांश

चीन ने 'नई गुणवत्ता उत्पादक शक्ति' के नाम से अपनी सबसे महत्वाकांक्षी आर्थिक-तकनीकी रणनीति का खाका पेश किया है — जिसमें AI, हरित ऊर्जा, और वैश्विक प्रतिभा जुटाना शामिल है। यह 19-सूत्रीय दिशानिर्देश बताता है कि बीजिंग अगली औद्योगिक क्रांति में कैसे नेतृत्व की दौड़ में आगे रहना चाहता है।

मुख्य बातें

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति और राज्य परिषद ने 10 अक्टूबर 2026 को 'नई गुणवत्ता उत्पादक शक्ति' पर व्यापक दिशानिर्देश जारी किए।
दिशानिर्देशों में 5 प्रमुख पहलुओं में 19 महत्वपूर्ण नीतिगत कदम शामिल हैं।
पहला पहलू: वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी नवाचार को व्यापक रूप से बढ़ावा देना।
दूसरा पहलू: रील इकॉनमी और डिजिटल इकॉनमी का एकीकरण तथा एआई प्लस कार्रवाई।
तीसरा से पाँचवाँ पहलू: हरित-कम कार्बन विकास , बाज़ार-तकनीक एकीकरण और प्रतिभा व्यवस्था का पुनर्गठन।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति और राज्य परिषद ने 10 अक्टूबर 2026 को 'नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्ति' के विकास पर व्यापक दिशानिर्देश जारी किए। इन दिशानिर्देशों में पाँच प्रमुख क्षेत्रों में 19 महत्वपूर्ण नीतिगत कदम निर्धारित किए गए हैं, जो चीन की दीर्घकालिक आर्थिक एवं तकनीकी रणनीति की दिशा तय करते हैं।

वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी नवाचार को बढ़ावा

दिशानिर्देशों का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पहलू वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी नवाचार को व्यापक रूप से सशक्त करना है। इसके तहत मौलिक और विघटनकारी (disruptive) नवाचार को मज़बूती देना, कुंजीभूत तकनीकों में महत्वपूर्ण प्रगति की गति तेज़ करना और राष्ट्रीय रणनीतिक वैज्ञानिक-प्रौद्योगिकी शक्ति के निर्माण में समन्वय बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा उद्यमों की नवाचार में मुख्य भूमिका को और प्रगाढ़ किया जाएगा तथा वैज्ञानिक उपलब्धियों को वास्तविक उत्पादक शक्ति में रूपांतरित करने पर ज़ोर दिया जाएगा।

रील इकॉनमी और डिजिटल इकॉनमी का एकीकरण

दूसरे पहलू में वैज्ञानिक-प्रौद्योगिकी सृजन और व्यावसायिक सृजन के गहरे मिश्रण पर बल दिया गया है। रील इकॉनमी और डिजिटल इकॉनमी के बीच तालमेल मज़बूत करते हुए 'एआई प्लस' (AI+) कार्रवाई को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। यह कदम चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-केंद्रित औद्योगिक नीति को और धार देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हरित और कम कार्बन विकास मॉडल

तीसरे पहलू में विकास पद्धतियों में नवाचार पर विशेष ज़ोर दिया गया है। इसके अंतर्गत ग्रीन, कम कार्बन और चक्रीय विकास पर आधारित आर्थिक व्यवस्था का निर्माण किया जाएगा। साथ ही ऊर्जा क्रांति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, जो चीन की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।

व्यवस्थित और तांत्रिक नवाचार में सुधार

चौथे पहलू के तहत विज्ञान-तकनीक और अर्थव्यवस्था के घनिष्ठ एकीकरण पर केंद्रित सुधारों को गहराया जाएगा। बाज़ार निगरानी व्यवस्था को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, वित्तीय सृजनात्मक उत्पादों की आपूर्ति का विस्तार होगा, और विश्व भर में उन्नत उत्पादक तत्वों की तैनाती की जाएगी। यह कदम वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा में चीन की स्थिति को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रतिभा विकास प्रणाली का पुनर्गठन

पाँचवें और अंतिम पहलू में प्रतिभा कार्य व्यवस्था के सृजन की बात कही गई है। यह मानव संसाधन विकास को नई गुणवत्ता उत्पादक शक्ति की नींव के रूप में स्थापित करने की रणनीति को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह दिशानिर्देश ऐसे समय में आया है जब चीन तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने में जुटा है। आने वाले महीनों में इन दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन की दिशा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें अमेरिका, यूरोप और भारत भी दांव लगाए बैठे हैं। 'एआई प्लस' और हरित ऊर्जा क्रांति को एक साथ साधने की यह कोशिश महत्वाकांक्षी ज़रूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केंद्रीय रूप से निर्देशित नवाचार वास्तव में वह 'विघटनकारी' रचनात्मकता पैदा कर सकता है जिसका दावा दिशानिर्देश में किया गया है। भारत के लिए यह संकेत है कि तकनीकी आत्मनिर्भरता की दौड़ में समय रहते नीतिगत स्पष्टता और निवेश ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्ति' क्या है?
यह चीन की एक व्यापक आर्थिक-तकनीकी अवधारणा है, जिसका उद्देश्य विज्ञान, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और उन्नत मानव संसाधन के माध्यम से उत्पादकता को नए स्तर पर ले जाना है। 10 अक्टूबर 2026 को CPC केंद्रीय समिति और राज्य परिषद ने इस पर 5 पहलुओं में 19 कदमों का दिशानिर्देश जारी किया।
चीन के इस दिशानिर्देश में मुख्य रूप से किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है?
दिशानिर्देश में वैज्ञानिक-प्रौद्योगिकी नवाचार, रील और डिजिटल इकॉनमी का एकीकरण, हरित एवं कम कार्बन विकास, बाज़ार-तकनीक सुधार, और प्रतिभा विकास व्यवस्था — इन पाँच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
चीन की 'एआई प्लस' कार्रवाई क्या है?
'एआई प्लस' (AI+) चीन की वह नीतिगत पहल है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विभिन्न उद्योगों और सेवाओं में व्यापक रूप से एकीकृत किया जाएगा। नए दिशानिर्देशों में रील इकॉनमी और डिजिटल इकॉनमी के मेल के तहत इसे चौतरफा लागू करने की बात कही गई है।
यह दिशानिर्देश भारत के लिए क्यों प्रासंगिक है?
चीन का यह कदम वैश्विक तकनीकी और आर्थिक प्रतिस्पर्धा में उसकी आक्रामक स्थिति को दर्शाता है। भारत भी अपनी डिजिटल और विनिर्माण नीतियाँ बना रहा है, इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि बीजिंग किस दिशा में आगे बढ़ रहा है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
चीन के नए दिशानिर्देश में प्रतिभा विकास पर क्या कहा गया है?
पाँचवें पहलू के तहत 'प्रतिभा कार्य व्यवस्था का सृजन' किए जाने की बात कही गई है। इसका अर्थ है कि चीन नई उत्पादक शक्ति की नींव के रूप में उच्च-कुशल मानव संसाधन तंत्र को पुनर्गठित करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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